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कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के आसपास अक्टूबर के दौरान सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। इससे पहले 12 अक्टूबर को पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर के पास एक धमाके की घटना सामने आई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई थी।

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  • October 17, 2026 1:40 pm IST, Published 50 minutes ago

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान दो आतंकियों को मार गिराया है। यह कार्रवाई केरन सेक्टर के जुमागुंड इलाके में शनिवार तड़के की गई। अधिकारियों के मुताबिक, सीमा के पास तैनात जवानों को कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी थीं। इसके बाद सुरक्षाबलों ने संदिग्धों को रुकने की चेतावनी दी, लेकिन स्थिति जल्द ही मुठभेड़ में बदल गई। दोनों ओर से हुई गोलीबारी के दौरान सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। घटना के बाद आसपास के इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा गया है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 3:30 बजे भारतीय सेना के जवानों ने जुमागुंड क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के नजदीक संदिग्ध हलचल देखी। सुरक्षा के मद्देनजर जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को चुनौती दी और रुकने के लिए कहा। इसके बाद गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है और किसी अन्य संदिग्ध की मौजूदगी का पता लगाने के लिए तलाशी ली जा रही है।

मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबल आसपास के जंगलों और संवेदनशील स्थानों की जांच कर रहे हैं। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इलाके में कोई अन्य आतंकी छिपा न हो और सुरक्षा के लिए किसी तरह का खतरा बाकी न रहे। नियंत्रण रेखा के नजदीक होने के कारण यह क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सतर्कता बढ़ा देती हैं। अधिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि मारे गए संदिग्ध आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे या उनकी मौजूदगी के पीछे कोई अन्य वजह थी। इस पहलू की पुष्टि जांच और अभियान से जुड़ी आगे की जानकारी मिलने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल सुरक्षाबलों की प्राथमिकता इलाके को सुरक्षित बनाना और किसी भी संभावित खतरे को खत्म करना है।

जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के आसपास अक्टूबर के दौरान सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। इससे पहले 12 अक्टूबर को पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर के पास एक धमाके की घटना सामने आई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई थी। इसी तरह, पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर के बसोनी इलाके में भी सेना को सीमा पर लगी बाड़ के पास दो पुरानी बारूदी सुरंगें मिली थीं। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में ट्रैक बनाने के दौरान इनका पता चला। इसके बाद सेना के विशेषज्ञों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत विस्फोट कर दोनों बारूदी सुरंगों को नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके में संभावित खतरे को दूर करने में मदद मिली।

कुपवाड़ा के जुमागुंड में हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं। तलाशी अभियान पूरा होने और जांच आगे बढ़ने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल दो आतंकियों के मारे जाने की खबर को सुरक्षाबलों की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। नियंत्रण रेखा के आसपास सुरक्षा बनाए रखना और संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते कार्रवाई करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए प्राथमिकता बना हुआ है।

 

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