नई दिल्ली। खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने और उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी देने के मामलों में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कई बड़ी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पिछले कुछ महीनों में प्रमुख खाद्य ब्रांड्स और रिटेल चेन को करीब 150 नोटिस जारी किए गए हैं।
FSSAI के मुताबिक, इन नोटिसों में भ्रामक विज्ञापन, झूठे दावे और खाद्य उत्पादों के लेबलिंग नियमों का पालन नहीं करने जैसे मामले शामिल हैं। कार्रवाई की जद में नेस्ले इंडिया, पेप्सिको और कोका-कोला इंडिया जैसी बड़ी कंपनियां भी आई हैं।
खाद्य उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री और भंडारण से जुड़े मामलों में ई-कॉमर्स कंपनियों पर भी कार्रवाई हुई है। FSSAI ने अमेजन और फ्लिपकार्ट को कुल 12 नोटिस जारी किए हैं।
नियामक के अनुसार, अमेजन के एक वेयरहाउस का लाइसेंस भी रद्द किया गया है। खाद्य उत्पादों के भंडारण और बिक्री में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियामक ने यह कदम उठाया।
फूड सर्विस सेक्टर में भी FSSAI ने सख्ती दिखाई है। केएफसी, मैकडॉनल्ड्स, पिज्जा हट, डोमिनोज और कोस्टा कॉफी जैसी कंपनियों और संस्थानों को 30 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं।
इनमें डोमिनोज के पांच लाइसेंस निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। नियामक की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करना है।
FSSAI लगातार खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर किए जाने वाले दावों की निगरानी कर रहा है। नियामक का जोर इस बात पर है कि कंपनियां अपने उत्पादों की गुणवत्ता, पोषण और अन्य विशेषताओं के बारे में उपभोक्ताओं को ऐसी जानकारी न दें, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो।
अधिकारियों के मुताबिक, खाद्य कारोबार से जुड़े संस्थानों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस, लाइसेंस निलंबन या अन्य नियामकीय कार्रवाई की जा सकती है।
FSSAI की इस कार्रवाई से साफ है कि खाद्य उत्पादों की बिक्री, विज्ञापन और लेबलिंग में नियमों के पालन को लेकर निगरानी और सख्त की जा रही है। बड़ी कंपनियों के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और फूड सर्विस चेन भी इसके दायरे में हैं।