नई दिल्ली | मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। केंद्र सरकार ने संसद को जानकारी दी कि 2026 में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 भारतीय घायल हुए हैं।
यह जानकारी विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
सरकार के अनुसार संघर्ष के दौरान जिन भारतीयों की जान गई, उनमें:
शामिल हैं। मृतकों में 10 भारतीय जहाजी (सीफेयरर) कर्मी भी शामिल हैं, जो क्षेत्र में कार्यरत थे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार संघर्ष के दौरान 75 भारतीय नागरिक घायल हुए। सभी घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराया गया। भारतीय दूतावासों ने प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों से लगातार संपर्क बनाए रखा तथा जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी में भी सहायता की।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि संघर्ष से अलग कतर के रास लफ्फान गैस सुविधा में हुई एक दुर्घटना में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी। इन सभी के पार्थिव शरीर भारत लाने और परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में सरकार ने सहयोग किया।
सरकार ने बताया कि युद्ध प्रभावित क्षेत्र में कार्यरत जहाजी कर्मियों के लिए 10 लाख रुपये का एक्स-ग्रेशिया (अनुग्रह) मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार मध्य पूर्व के देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए है। भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।