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99.6% ब्रॉड गेज नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक, भारतीय रेलवे ने रचा नया इतिहास

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ भारत रेलवे विद्युतीकरण के मामले में स्विट्जरलैंड (100%) के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे व्यापक विद्युतीकृत रेल नेटवर्क बन गया […]

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  • July 23, 2026 11:25 am IST, Published 47 minutes ago

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ भारत रेलवे विद्युतीकरण के मामले में स्विट्जरलैंड (100%) के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे व्यापक विद्युतीकृत रेल नेटवर्क बन गया है। यह जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

रेल मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 से पहले लगभग 60 वर्षों में जहां 21,801 रूट किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण हुआ था, वहीं 2014 से 2026 के बीच 48,072 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया। इसके साथ ही सभी नई रेल लाइनों और मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को शुरुआत से ही विद्युतीकरण के साथ विकसित किया जा रहा है।

रेलवे के इस अभियान का सीधा असर ईंधन की खपत और पर्यावरण पर भी दिखाई दिया है। वर्ष 2015-16 में रेलवे ने 293 करोड़ लीटर डीजल का उपयोग किया था, जो 2024-25 में घटकर 108 करोड़ लीटर रह गया। यानी लगभग 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आई।

रेल मंत्रालय ने बताया कि सड़क परिवहन की तुलना में रेल परिवहन कहीं अधिक पर्यावरण अनुकूल है। एक टन माल को एक किलोमीटर तक ले जाने पर सड़क परिवहन से 101 ग्राम CO₂ उत्सर्जन होता है, जबकि रेल से केवल 11.5 ग्राम, यानी लगभग 89 प्रतिशत कम उत्सर्जन होता है।

रेलवे अब नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी तेजी से बढ़ा रहा है। जून 2026 तक 1,161 मेगावाट सौर ऊर्जा और 103 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता चालू की जा चुकी है। भविष्य में रेलवे अपनी विद्युत जरूरतों का बड़ा हिस्सा सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने की दिशा में काम कर रहा है।

देश के अधिकांश रेलवे जोन और कई राज्यों में रेल नेटवर्क का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। रेल मंत्रालय का कहना है कि शेष बचे मार्गों पर भी मिशन मोड में कार्य जारी है और जल्द ही पूरे ब्रॉड गेज नेटवर्क का पूर्ण विद्युतीकरण हासिल कर लिया जाएगा। यह उपलब्धि केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रेलवे की परिचालन क्षमता, ट्रेनों की गति, माल ढुलाई, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण संरक्षण को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

 

 

 

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