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सरदार पटेल के सम्मान पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, खुर्शीद ने शाह को घेरा

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और सरदार पटेल की जयंती दोनों अवसर मनाए जाते हैं। सरदार पटेल का निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था, जबकि इंदिरा गांधी की हत्या 31 अक्टूबर 1984 को हुई थी।

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  • October 31, 2026 1:45 pm IST, Published 53 minutes ago

नईदिल्ली:सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत और उनके योगदान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने लंबे समय तक उन्हें वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे। शाह के इस बयान पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के नाम पर इस तरह की राजनीतिक टिप्पणियां करना उनकी छवि और देश में उनके प्रति सम्मान को प्रभावित करता है।दरअसल, 31 अक्टूबर को देशभर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की सैकड़ों रियासतों को एकजुट कर भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने में पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कई वर्षों तक उनके योगदान को उचित पहचान नहीं दी और उन्हें राजनीतिक रूप से पीछे रखने का प्रयास किया।

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की स्मृति और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कराया। शाह के मुताबिक, यह विशाल प्रतिमा सरदार पटेल के व्यक्तित्व और देश के एकीकरण में उनकी भूमिका को सम्मान देने का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि पटेल ने अपनी दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व के जरिए भारत की एकता और अखंडता की नींव मजबूत की थी।

अमित शाह के इन आरोपों पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान भारतीय इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है और कांग्रेस उनके योगदान को पूरी तरह स्वीकार करती है। खुर्शीद ने सवाल उठाया कि जब देश के सभी बड़े नेताओं के योगदान को सम्मान दिया जाना चाहिए, तो सरदार पटेल के नाम पर इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी क्यों की जा रही है। सलमान खुर्शीद ने कहा कि सरदार पटेल देश के महान नेताओं में शामिल हैं और उनका सम्मान किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान देने से पटेल की छवि को नुकसान पहुंचता है और उनके प्रति लोगों के मन में मौजूद सम्मान भी प्रभावित हो सकता है।खुर्शीद के मुताबिक, सरदार पटेल के विचारों, उनके फैसलों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को समझना जरूरी है। उन्होंने अमित शाह की टिप्पणियों की मंशा पर भी सवाल उठाए। इस राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इंदिरा गांधी के नेतृत्व और देश के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए कई फैसलों ने देश की राजनीति, प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

खुर्शीद ने इंदिरा गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सामने कई ऐसी मिसालें पेश कीं, जिनका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के नेताओं पर भी पड़ा। उन्होंने कहा कि विश्व इतिहास में ऐसे बहुत कम प्रधानमंत्री हुए हैं, जिन्होंने किसी नए राष्ट्र के निर्माण और उसकी दिशा तय करने में इतनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो। उनके अनुसार, इंदिरा गांधी की उपलब्धियां और नेतृत्व भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर देश के प्रमुख ऐतिहासिक नेताओं की विरासत को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस को सामने ला दिया है। दोनों दल अपने-अपने तरीके से सरदार पटेल के योगदान और उनके सम्मान को लेकर अपनी बात रख रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक बयानबाजी के बीच सरदार पटेल और इंदिरा गांधी के ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा भी तेज हो गई है।

 

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