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चंदे और जमीन खरीद पर डिंपल यादव ने सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्लीः संसद में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कथित ‘चंदा चोरी’ और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) […]

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  • August 10, 2026 1:19 pm IST, Published 19 minutes ago

नई दिल्लीः संसद में विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कथित ‘चंदा चोरी’ और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, उन पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। सपा सांसद ने सरकार से संसद के भीतर भी इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
डिंपल यादव ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले कहा था कि मामले में “दूध का दूध और पानी का पानी” किया जाएगा। उनका कहना था कि यदि किसी मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और जांच को लंबा समय बीत चुका है, तो उसकी प्रगति और निष्कर्ष को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि संबंधित जमीनों की खरीद-फरोख्त में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ट्रस्ट की ओर से महंगी जमीनों की खरीद और उससे जुड़े लेन-देन को लेकर अब तक पूरा हिसाब-किताब सामने क्यों नहीं आया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं हुई है।

डिंपल यादव ने कहा कि जनता और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। उनके मुताबिक, यदि किसी ट्रस्ट या संस्था के आर्थिक लेन-देन, जमीन की खरीद अथवा चंदे से जुड़े मामलों पर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार को स्थिति साफ करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल जांच की घोषणा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जांच के नतीजे और उससे जुड़ी जानकारी भी सामने आनी चाहिए।

सपा सांसद ने कथित चंदे में अनियमितता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में कितना धन प्राप्त हुआ, उसका इस्तेमाल किस तरह हुआ और उससे संबंधित रिकॉर्ड क्या है, इसकी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार सदन में इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करे, ताकि उठाए जा रहे सवालों का जवाब मिल सके।

विपक्षी दलों की ओर से ऐसे मुद्दों को संसद में लगातार उठाया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को गंभीर आरोपों पर पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए। वहीं, संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

डिंपल यादव के बयान के बाद एक बार फिर कथित चंदे, जमीन की खरीद और जांच की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। सपा का कहना है कि जब जांच एजेंसी गठित की गई थी तो उसकी प्रगति की जानकारी सामने आनी चाहिए। पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि वह इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाती रहेगी।

फिलहाल, इस मामले में सरकार और संबंधित संस्थाओं की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।

 

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