नई दिल्ली। पीएम केयर्स फंड में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान घरेलू दान में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में फंड को घरेलू स्रोतों से करीब ₹479 करोड़ मिले, जबकि 2023 में यह राशि ₹681 करोड़ थी। विदेशी दान में भी कमी आई और यह घटकर ₹92.8 लाख रह गया।
इसके बावजूद पीएम केयर्स फंड में जमा कुल रकम बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में फंड में कुल ₹7,173 करोड़ थे, जो 2025 में बढ़कर ₹8,452 करोड़ हो गए।
पीएम केयर्स फंड में विदेशी योगदान में पिछले कुछ वर्षों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2020-21 में विदेशी फंडिंग करीब ₹495 करोड़ थी। इसके बाद यह अगले दो वित्त वर्षों में घटकर क्रमशः ₹40 करोड़ और ₹2.57 करोड़ रह गई।
2023-24 में फंड को विदेशी दान के रूप में ₹1.13 करोड़ मिले थे, जबकि 2024-25 में यह राशि घटकर ₹92.8 लाख रह गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2019-20 में मिले ₹39.7 लाख के बाद यह विदेशी दान की सबसे कम राशि है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान वर्ष 2020 में पीएम केयर्स फंड की स्थापना की थी। प्रधानमंत्री इस फंड के अध्यक्ष होते हैं। फंड में प्राप्त राशि मुख्य रूप से दान के जरिए आती है और इसे सरकार के नियमित बजट से वित्त पोषित नहीं किया जाता।
कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पीएम केयर्स फंड से बड़ी राशि खर्च की गई। केंद्र और राज्य सरकारों के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने और वेंटिलेटर खरीदने के लिए फंड का इस्तेमाल किया गया।
वित्त वर्ष 2021-22 में प्रेशर स्विंग ऑक्सीजन प्लांट (PSA) लगाने पर करीब ₹1,703 करोड़ खर्च किए गए, जबकि वेंटिलेटर की खरीद पर करीब ₹835 करोड़ खर्च हुए। इसी अवधि में फंड का कुल खर्च लगभग ₹1,938 करोड़ रहा।
पीएम केयर्स फंड के तहत बच्चों से जुड़ी योजनाओं पर भी राशि खर्च की गई। पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना पर 2023 में करीब ₹15.37 करोड़ खर्च हुए थे। 2024 में यह खर्च बढ़कर लगभग ₹15.6 करोड़ हो गया।
इस तरह, एक ओर जहां पीएम केयर्स फंड में घरेलू और विदेशी दान में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर फंड में उपलब्ध कुल रकम में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऑडिट रिपोर्ट में सामने आए ये आंकड़े फंड में आने वाले दान और उसके उपयोग की तस्वीर को सामने रखते हैं।