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Ola, Uber और Rapido को सरकार का सख्त निर्देश

राइड से पहले टिप की सुविधा तुरंत बंद करने को कहा नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स Ola, Uber और Rapido को राइडर्स से जुड़ी टिप व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म्स से राइड शुरू होने से पहले टिप देने की सुविधा बंद करने को […]

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Gauravshali Bharat News
  • August 13, 2026 7:57 am IST, Published 1 hour ago

राइड से पहले टिप की सुविधा तुरंत बंद करने को कहा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स Ola, Uber और Rapido को राइडर्स से जुड़ी टिप व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म्स से राइड शुरू होने से पहले टिप देने की सुविधा बंद करने को कहा है।

मंत्रालय ने अपने सर्कुलर में कहा कि कुछ राइड-हेलिंग ऐप्स पर यात्रियों को राइड बुक करने से पहले ही टिप देने का विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा था। सरकार ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे यात्रियों पर अतिरिक्त भुगतान का दबाव बन सकता है।

राइड जल्दी मिलने का बन सकता है भ्रम

सरकार के मुताबिक, एडवांस टिप का विकल्प उपलब्ध होने से यात्रियों के बीच यह धारणा बन सकती है कि टिप देने पर उनकी राइड जल्दी स्वीकार की जाएगी। खासकर पीक ऑवर या हाई डिमांड के दौरान यह व्यवस्था यात्रियों को सामान्य किराये के अलावा अतिरिक्त भुगतान करने के लिए प्रेरित कर सकती है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि टिप पूरी तरह यात्री की इच्छा पर निर्भर होनी चाहिए। इसे राइड की उपलब्धता, ड्राइवर के असाइनमेंट या राइड स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया से नहीं जोड़ा जा सकता।

राइड पूरी होने के बाद दे सकेंगे टिप

सरकार की ओर से कहा गया है कि यदि यात्री ड्राइवर की सेवा से संतुष्ट है तो वह राइड पूरी होने के बाद अपनी इच्छा से टिप दे सकता है। किसी भी स्थिति में यात्री के लिए पहले से टिप देना अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता।

मंत्रालय का जोर इस बात पर है कि टिप को मूल किराये से अलग रखा जाए और यात्री को किसी तरह के अतिरिक्त भुगतान के लिए प्रेरित या दबाव में नहीं डाला जाए।

हाई डिमांड में यात्रियों पर अतिरिक्त दबाव का मुद्दा

राइड-हेलिंग सेवाओं में मांग बढ़ने के दौरान किराये और राइड उपलब्धता को लेकर यात्रियों को पहले से ही अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार का मानना है कि एडवांस टिप जैसी व्यवस्था यात्रियों के अनुभव को प्रभावित कर सकती है।

सरकार चाहती है कि ऐप पर दिखाई जाने वाली राइड की कीमत, उपलब्धता और अन्य शुल्क की जानकारी पारदर्शी रहे तथा टिप को राइड बुकिंग की प्रक्रिया से पूरी तरह अलग रखा जाए।

यात्रियों की पसंद पर निर्भर रहेगी टिप

मंत्रालय के निर्देश का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को किसी भी तरह के अनावश्यक अतिरिक्त भुगतान के दबाव से बचाना है। टिप को सेवा से संतुष्टि के बाद दिया जाने वाला स्वैच्छिक भुगतान माना गया है।

देश के बड़े शहरों में ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाओं के जरिए कैब और बाइक-टैक्सी की बुकिंग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में सरकार ने प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि यात्रियों के लिए किराया और टिप की व्यवस्था स्पष्ट, पारदर्शी और स्वैच्छिक बनी रहे।

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