मोबाइल फोन खरीदने के लिए लिया गया कर्ज समय पर नहीं चुकाने पर भविष्य में आपके स्मार्टफोन के कुछ फीचर सीमित किए जा सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कर्ज वसूली प्रक्रिया को लेकर नए मसौदा नियम जारी किए हैं, जिनमें डिजिटल डिवाइस फाइनेंसिंग से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, यदि किसी ग्राहक ने मोबाइल फोन खरीदने के लिए लोन लिया है और 90 दिनों से अधिक समय तक भुगतान नहीं किया, तो बैंक या फाइनेंस कंपनी फोन की कुछ सुविधाओं को सीमित कर सकती है। हालांकि, यह कार्रवाई कई नोटिस देने के बाद ही की जा सकेगी।
RBI ने साफ किया है कि इस तरह की पाबंदियां केवल उसी स्थिति में लागू होंगी, जब कर्ज सीधे मोबाइल या टैबलेट खरीदने के लिए लिया गया हो। निजी लोन, कार लोन या होम लोन की वसूली के लिए फोन बंद करने जैसी कार्रवाई नहीं की जा सकेगी।
नियमों में यह भी कहा गया है कि किसी भी स्थिति में इंटरनेट पूरी तरह बंद करना, इनकमिंग कॉल रोकना, इमरजेंसी एसओएस सुविधा या सरकारी सुरक्षा संदेशों को बाधित करना अनुमति नहीं होगी। RBI ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों के साथ सख्ती या अनुचित वसूली तरीकों पर रोक लगाना जरूरी है। RBI द्वारा जारी यह ड्राफ्ट नियम 1 अक्टूबर से लागू किए जा सकते हैं। फिलहाल इस पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। इससे डिजिटल लोन और डिवाइस फाइनेंसिंग सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी, साथ ही ग्राहकों के अधिकारों की भी सुरक्षा होगी।