नई दिल्ली: देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच मौसम को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मानसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ने से इसके आगे बढ़ने की गति सुस्त हो गई है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ‘स्काईमेट’ (Skymet) के मुताबिक, मानसून पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी तट पर थमा हुआ है, जिसके चलते देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की दस्तक के लिए अभी 7 से 8 दिन यानी एक हफ्ते से ज्यादा का इंतजार करना पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की इस सुस्ती का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत कम दबाव के क्षेत्र का न बनना है। इसके अलावा, मानसून की चाल वायुमंडल की ऊपरी परत में चलने वाली तेज हवाओं यानी ‘जेट स्ट्रीम’ पर निर्भर कर रही है। जैसे ही यह जेट स्ट्रीम पैटर्न कमजोर पड़ेगा, मानसूनी हवाएं एक बार फिर रफ्तार पकड़ेंगी। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगले 4 से 5 दिनों में परिस्थितियां अनुकूल होते ही मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्सों की तरफ तेजी से आगे बढ़ेगा।
केरल में समय पर दस्तक देने के बाद मानसून अब तक देश के 19 राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। लेकिन इसकी धीमी रफ्तार का नतीजा यह है कि देश के कुल 723 जिलों में से अब तक केवल 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई राज्यों में कृषि और पानी का संकट गहरा रहा है।
देशभर में इस समय मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं:
दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में राहत: दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आई, जिससे यह जून का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। वहीं, राजस्थान के जयपुर, भरतपुर और कोटा समेत 23 जिलों में आज आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी है। मध्य प्रदेश और बिहार के भी कई जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है।
10 राज्यों में भीषण गर्मी, वाराणसी सबसे गर्म: दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे 10 राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। उत्तर प्रदेश का वाराणसी 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आगामी 18 और 19 जून को पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कुछ जगहों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के तमिलनाडु और कर्नाटक में भी भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद जताई गई है।