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कांवड़ यात्रा के चलते वाराणसी और गोरखपुर रूट पर रोडवेज किराया बढ़ा

प्रयागराज: सावन माह में शुरू हो रही कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने यात्रियों और कांवड़ियों की सुरक्षा तथा सुगम आवागमन के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। 30 जुलाई से प्रयागराज से वाराणसी और गोरखपुर जाने वाली रोडवेज बसों के रूट में बदलाव किया जाएगा। रूट लंबा होने के कारण इन […]

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  • July 29, 2026 2:52 pm IST, Published 49 minutes ago

प्रयागराज: सावन माह में शुरू हो रही कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने यात्रियों और कांवड़ियों की सुरक्षा तथा सुगम आवागमन के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। 30 जुलाई से प्रयागराज से वाराणसी और गोरखपुर जाने वाली रोडवेज बसों के रूट में बदलाव किया जाएगा। रूट लंबा होने के कारण इन मार्गों पर बस किराये में भी बढ़ोतरी की गई है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए पहले की तुलना में अधिक किराया देना होगा।

परिवहन विभाग के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रमुख मार्गों से गुजरते हैं। ऐसे में यातायात को व्यवस्थित रखने और किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना से बचाव के लिए रोडवेज बसों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा। इस निर्णय से बसों की दूरी बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर किराये पर पड़ेगा।

प्रयागराज से वाराणसी जाने वाली बसों का सबसे अधिक प्रभाव दिखाई देगा। सामान्य दिनों में यह दूरी लगभग 126 किलोमीटर होती है, लेकिन डायवर्जन लागू होने के बाद बसें फाफामऊ मार्ग से होकर जाएंगी, जिससे कुल दूरी बढ़कर 144 किलोमीटर हो जाएगी। अतिरिक्त दूरी तय करने के कारण साधारण बस का किराया ₹197 से बढ़कर ₹225 कर दिया गया है। यानी यात्रियों को इस रूट पर ₹28 अधिक भुगतान करना होगा।

इसी प्रकार प्रयागराज से गोरखपुर जाने वाली बसों का मार्ग भी बदला जाएगा। इस रूट पर दूरी बढ़ने के कारण किराये में ₹12 तक की वृद्धि की गई है। परिवहन निगम का कहना है कि किराया वृद्धि केवल अतिरिक्त दूरी और परिचालन लागत को ध्यान में रखकर की गई है। अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था अस्थायी है और केवल कांवड़ यात्रा की अवधि तक लागू रहेगी। यात्रा समाप्त होने के बाद बसों का संचालन फिर से सामान्य मार्गों पर शुरू कर दिया जाएगा और किराया भी पूर्व निर्धारित दरों के अनुसार लिया जाएगा।

कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए यात्रा करते हैं। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रशासन और परिवहन विभाग पहले से ही विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार करते हैं ताकि श्रद्धालुओं और आम यात्रियों दोनों को सुरक्षित यात्रा का अवसर मिल सके। परिवहन निगम ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले बसों के नए रूट और समय की जानकारी संबंधित बस अड्डों या आधिकारिक माध्यमों से अवश्य प्राप्त कर लें। साथ ही अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करें, क्योंकि डायवर्जन के कारण यात्रा अवधि सामान्य दिनों की तुलना में अधिक हो सकती है।

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