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मेरठ मिक्की हत्याकांड में आज आएगा फैसला, पत्नी और प्रेमी की भूमिका पर नजर

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना से जुड़े साक्ष्य और परिस्थितियां अदालत के सामने रखी गईं। वहीं बचाव पक्ष ने अपने स्तर पर आरोपों और पुलिस की कहानी को लेकर अपना पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।

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  • October 7, 2026 1:22 pm IST, Published 34 seconds ago

मेरठ: चर्चित अमित कश्यप उर्फ मिक्की हत्याकांड में अदालत आज अपना फैसला सुना सकती है। यह मामला अप्रैल 2025 में अकबरपुर सादात गांव में हुई हत्या से जुड़ा है। मामले में मृतक की पत्नी रविता और उसके कथित प्रेमी अमरदीप पर अमित कश्यप की हत्या का आरोप लगा था। पुलिस जांच के दौरान सामने आई परिस्थितियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामला गंभीर हत्या के मुकदमे में आगे बढ़ा।

पुलिस के अनुसार, अमित कश्यप की हत्या के पीछे उसकी पत्नी के अमरदीप के साथ कथित संबंधों को वजह बताया गया था। जांच में यह बात सामने आने का दावा किया गया कि रविता और अमरदीप के बीच पहले से संपर्क था। अमरदीप उसी गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान दोनों के बीच संबंधों और हत्या से जुड़ी परिस्थितियों को अपनी विवेचना का हिस्सा बनाया।

घटना 13 अप्रैल 2025 को अकबरपुर सादात में हुई थी। हत्या के बाद अमित का शव मौके पर छोड़ दिया गया था। शुरुआती स्तर पर घटना को अलग रूप देने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई थी। जांच में कथित तौर पर ऐसी कहानी सामने आई, जिसमें मौत को सांप के काटने से जोड़ने का प्रयास किया गया था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित कश्यप की मौत का कारण दम घुटना बताया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या के एंगल से आगे बढ़ाया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्य जांच के लिए महत्वपूर्ण आधार बने। पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की और हत्या की परिस्थितियों को जोड़ने का प्रयास किया। मामले की जांच के दौरान मृतक की पत्नी रविता और अमरदीप की भूमिका को लेकर पुलिस ने कई पहलुओं पर पड़ताल की। पुलिस का आरोप था कि दोनों के बीच संबंध थे और इन्हीं संबंधों के चलते अमित की हत्या की साजिश रची गई। हालांकि अदालत में किसी भी आरोपी की भूमिका और दोष सिद्ध होने का अंतिम निर्णय साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होना है।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना से जुड़े साक्ष्य और परिस्थितियां अदालत के सामने रखी गईं। वहीं बचाव पक्ष ने अपने स्तर पर आरोपों और पुलिस की कहानी को लेकर अपना पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। अब इस मामले में अदालत के फैसले पर सभी की नजर है। फैसला यह तय करेगा कि अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य आरोपों को कानूनी रूप से साबित करने के लिए पर्याप्त हैं या नहीं। मृतक के परिवार के लिए भी अदालत का फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमित कश्यप मिक्की हत्याकांड की जांच के दौरान सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कथित तौर पर मौत की वजह को बदलकर पेश करने की कोशिश ने मामले को और गंभीर बना दिया था। हत्या के बाद सांप के काटने की कहानी सामने आने और पोस्टमार्टम में दम घुटने की पुष्टि के बीच का अंतर जांच का अहम बिंदु रहा। अब अदालत के निर्णय से यह स्पष्ट होगा कि मामले में आरोपी पक्षों की कानूनी स्थिति क्या रहती है और अदालत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर क्या निष्कर्ष निकालती है।

 

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