मेरठ से एनसीआर तक हथियारों की सप्लाई, पुलिस ने गिरोह पकड़ा

मेरठ: पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। परतापुर थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक आरोपी ने बच निकलने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर […]

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  • September 14, 2026 6:30 pm IST, Published 40 minutes ago

मेरठ: पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। परतापुर थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान एक आरोपी ने बच निकलने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से सात अवैध पिस्टल और 20 जिंदा कारतूस व खोखे बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि आरोपी अवैध हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। यह नेटवर्क मेरठ के अलावा एनसीआर के दूसरे इलाकों तक फैला होने की बात कही जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य हथियार कहां से हासिल करते थे और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

बताया जा रहा है कि गिरोह अवैध पिस्टल को करीब 40 हजार रुपये में बेचता था। हथियारों की मांग के अनुसार उनकी सप्लाई अलग-अलग स्थानों पर की जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए लंबे समय से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। बरामद हथियारों और कारतूसों के आधार पर पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े कुछ लोग इलाके में सक्रिय हैं। इसके बाद पुलिस और स्वाट टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। कार्रवाई के दौरान पुलिस और आरोपियों का आमना-सामना हुआ। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी ने टीम पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। उसके पास से हथियार बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने मौके से अन्य आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया।

घायल आरोपी की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड के संबंध में पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बरामद पिस्टलों का इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में हुआ है या नहीं। इसके लिए हथियारों के स्रोत और उनके पुराने इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।

मेरठ और आसपास के इलाकों में अवैध हथियारों की तस्करी पुलिस के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती है। ऐसे हथियार अपराधियों तक पहुंचने के बाद लूट, हत्या, रंगदारी और आपसी रंजिश जैसी वारदातों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। यही वजह है कि पुलिस अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई का दावा करती रही है। मौजूदा कार्रवाई में भी पुलिस का फोकस केवल हथियार बरामद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके पीछे काम कर रहे पूरे नेटवर्क को सामने लाने पर है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। टीम यह जानने का प्रयास कर रही है कि गिरोह में कितने लोग शामिल हैं, हथियारों की आपूर्ति कहां से होती थी और मेरठ से लेकर एनसीआर तक किन-किन इलाकों में इनकी सप्लाई की जाती थी। फिलहाल पुलिस ने बरामद हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

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