नयी दिल्लीः ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा की जीत भारत-ब्राजील संबंधों और वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लूला ने 25 अक्टूबर 2026 को हुए दूसरे चरण के चुनाव में फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराकर राष्ट्रपति पद पर फिर से जीत दर्ज की। ब्राजील के निर्वाचन प्राधिकरण के मुताबिक, लूला को 51.79 प्रतिशत वैध वोट मिले, जबकि फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.21 प्रतिशत मत हासिल हुए। इस जीत के साथ लूला ब्राजील के इतिहास में चौथी बार राष्ट्रपति बनने वाले नेता बन गए हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लूला को जीत की बधाई देते हुए दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई। मोदी ने उन्हें अपना ‘प्रिय मित्र’ बताते हुए कहा कि भारत और ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को व्यापक बनाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। उनके संदेश में व्यापार, साझा विकास और ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत के लिए लूला की वापसी इसलिए भी अहम है क्योंकि ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देश ब्रिक्स समूह के सदस्य हैं और वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की वकालत करते रहे हैं। ऐसे समय में जब अमेरिका की व्यापार नीतियों, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव से अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रभावित हो रहे हैं, भारत और ब्राजील के बीच सहयोग के नए अवसर बन सकते हैं।
ब्राजील और भारत के बीच आर्थिक सहयोग भी इस साझेदारी का अहम आधार है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। भारत ब्राजील को पेट्रोलियम उत्पाद, दवाएं, रसायन, कृषि-रसायन और इंजीनियरिंग से जुड़े सामान निर्यात करता है। वहीं, ब्राजील से भारत कच्चा तेल, सोयाबीन तेल, चीनी, कपास और लौह अयस्क जैसे उत्पाद आयात करता है। फरवरी 2026 में दोनों देशों ने खनन और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता भी किया था।
Heartiest congratulations to my dear friend, President Lula, on his remarkable re-election victory.
I look forward to working closely with him to further deepen and expand the multifaceted India-Brazil Strategic Partnership.
Together, we will continue to strengthen our cooperation across diverse sectors, advance the shared priorities of the Global South and work towards a more inclusive, equitable and sustainable world.
@LulaOficial
— Narendra Modi (@narendramodi) October 26, 2026
लूला की वापसी से तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, कृषि और रक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। दोनों देश वैश्विक संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने के समर्थक हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की भारत की मांग भी इस व्यापक चर्चा का हिस्सा है।
ब्रिक्स के संदर्भ में भी लूला का नया कार्यकाल महत्वपूर्ण होगा। भारत और ब्राजील इस मंच के जरिए वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका मजबूत करने की कोशिश करते हैं। लूला ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल की संभावना का समर्थन किया है। इससे भारत-ब्राजील व्यापार में डॉलर पर निर्भरता कम करने को लेकर भविष्य में चर्चा आगे बढ़ सकती है, हालांकि किसी ठोस व्यवस्था को लेकर अभी नए फैसले की पुष्टि नहीं है। लूला की जीत के बाद भारत के सामने अपने आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और विस्तार देने का अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी का बधाई संदेश दोनों देशों के बीच मौजूदा रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की मंशा दर्शाता है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि दोनों सरकारें व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और ग्लोबल साउथ के साझा मुद्दों पर किस तरह ठोस सहयोग विकसित करती हैं।