नयी दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी की नई संगठनात्मक सूची में कई अनुभवी नेताओं के साथ ऐसे चेहरों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनकी लंबे समय से संगठन में वापसी की चर्चा थी। स्मृति ईरानी, राम माधव, वसुंधरा राजे सिंधिया और बिप्लब कुमार देब जैसे नेताओं को नई टीम में प्रमुख स्थान मिला है।
नई टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। इनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव जैसे वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा बैजयंत जय पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी, भारती प्रवीण पवार, मनप्रीत सिंह बादल, लाल सिंह आर्य, एम. नागराज, तारिक मंसूर और मधुचंद्र कर को भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
महामंत्रियों की सूची में भी कई महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं। विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है। इनमें स्मृति ईरानी की नियुक्ति को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेठी से 2019 में राहुल गांधी को हराकर लोकसभा पहुंचीं स्मृति ईरानी को 2024 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद संगठन में उनकी नई भूमिका को लेकर काफी अटकलें थीं।
नई जिम्मेदारी के साथ स्मृति ईरानी की सक्रिय राजनीतिक भूमिका फिर से चर्चा में आ गई है। पार्टी संगठन में उन्हें महामंत्री की जिम्मेदारी दिए जाने को बीजेपी के केंद्रीय संगठन में उनके अनुभव और राजनीतिक पहचान के महत्व के तौर पर देखा जा रहा है।
बीजेपी की नई टीम में महिलाओं की भागीदारी पर भी जोर दिखाई देता है। 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में छह महिलाएं हैं। इसके अलावा स्मृति ईरानी को महामंत्री और कई अन्य महिला नेताओं को राष्ट्रीय सचिव जैसी जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी की संगठनात्मक संरचना में महिलाओं की संख्या बढ़ाने का यह कदम राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई टीम में मुस्लिम समुदाय से जुड़े नेताओं को भी स्थान दिया गया है। प्रोफेसर तारिक मंसूर सहित अन्य नेताओं को संगठन में जिम्मेदारी मिलने से पार्टी के सामाजिक विस्तार के प्रयासों का संकेत मिलता है।
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय टीम के सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
अनुभव और ऊर्जा से समृद्ध यह टीम आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में संगठन को नई गति प्रदान करेगी। मुझे पूर्ण विश्वास है कि टीम के सभी सदस्य, कार्यकर्ता भाव… pic.twitter.com/bvSxIZIRtW
— Nitin Nabin (@NitinNabin) August 17, 2026
उत्तर प्रदेश को भी नई टीम में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है। हरीश द्विवेदी को महामंत्री बनाए जाने को राज्य की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में चुनावी गतिविधियां तेज होने वाली हैं और बीजेपी के लिए संगठन को मजबूत रखना एक प्रमुख प्राथमिकता है। ऐसे में प्रदेश के नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसके अलावा पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और अन्य राज्यों से भी नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारियां दी गई हैं। इससे पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। नई टीम में अनुभवी नेताओं के साथ अलग-अलग राज्यों में संगठन का अनुभव रखने वाले नेताओं को शामिल किया गया है।
संगठनात्मक बदलाव में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी अहम भूमिका मिली है। उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। राजेश मंगल को सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।
नितिन नवीन ने नई टीम के गठन के बाद सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नई टीम अनुभव और ऊर्जा का मेल है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पार्टी संगठन को और मजबूत करने में योगदान देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नई टीम के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने के साथ जनता से जुड़ाव और जनसेवा पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।
कुल मिलाकर, बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में अनुभवी नेताओं की वापसी, महिलाओं को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व, विभिन्न राज्यों के नेताओं का संतुलन और चुनावी राज्यों पर विशेष ध्यान दिखाई देता है। स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे नेताओं को प्रमुख जिम्मेदारियां मिलने से नई टीम को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। आने वाले चुनावों में यह संगठनात्मक टीम बीजेपी की रणनीति को जमीन पर लागू करने में कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।