नई दिल्ली | NEET UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट CBI की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) द्वारा प्रस्तुत की गई है। मामले की सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में बुधवार को होने की संभावना है।
CBI ने अपनी चार्जशीट में स्पष्ट किया है कि मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में दर्ज एफआईआर 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान हाल ही में 47 NTA अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।
चार्जशीट में जिन 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरूरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं।
जांच के अनुसार, इनमें से तीन आरोपी केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के विषय विशेषज्ञ हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
CBI ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 महत्वपूर्ण साक्ष्यों का उल्लेख किया है। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाया गया है।
जांच के तहत महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए।
CBI का कहना है कि जांच में कई बिचौलियों की पहचान हुई है, जिन पर लीक प्रश्नपत्र हासिल कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने का आरोप है। एजेंसी ने दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों को भी गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ लीक प्रश्नपत्र खरीदने और उसका उपयोग करने के आरोप हैं।
जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खाते, बैंक लॉकर और डीमैट खाते भी फ्रीज कर दिए गए हैं। CBI का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और नए साक्ष्य मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।