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अक्टूबर से LPG सब्सिडी पर नया नियम

सिलिंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी DAC की व्यवस्था भी कई क्षेत्रों में लागू है। बुकिंग के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त कोड डिलीवरी के समय कर्मचारी को देना पड़ सकता है…

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LPG Cylinder Supply India
Gauravshali Bharat News
  • September 27, 2026 5:15 pm IST, Published 14 minutes ago

नयी दिल्लीः देशभर में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन से जुड़ा नियम चर्चा में है। इसका उद्देश्य एलपीजी कनेक्शनों का सत्यापन करने और सरकारी सहायता का लाभ सही पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाना बताया गया है। जिन उपभोक्ताओं का आधार आधारित सत्यापन अभी लंबित है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

सत्यापन नहीं कराने की स्थिति में गैस कनेक्शन या सिलिंडर की आपूर्ति अपने आप बंद होने की बात नहीं है। हालांकि, पात्रता से जुड़ी सरकारी सब्सिडी प्रभावित हो सकती है और उपभोक्ता को रिफिल के लिए लागू बाजार मूल्य चुकाना पड़ सकता है। इसलिए जिन ग्राहकों का बायोमेट्रिक सत्यापन बाकी है, उनके लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण है।

इस व्यवस्था का एक प्रमुख उद्देश्य एक ही व्यक्ति के नाम पर मौजूद संदिग्ध, डुप्लीकेट या अपात्र कनेक्शनों की पहचान करना है। इसके अलावा घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले सिलिंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी निगरानी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सत्यापन के बाद संबंधित उपभोक्ता की पहचान और कनेक्शन की पात्रता को रिकॉर्ड से मिलाया जा सकता है।

जिन ग्राहकों ने पहले ही बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उन्हें सामान्य तौर पर यह प्रक्रिया दोबारा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में सक्रिय घरेलू एलपीजी ग्राहकों का आधार आधारित सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है। लंबित उपभोक्ताओं के लिए तेल विपणन कंपनियों ने अलग-अलग माध्यम उपलब्ध कराए हैं।

बायोमेट्रिक सत्यापन कराने का एक तरीका सिलिंडर की डिलीवरी के समय उपलब्ध डिवाइस के माध्यम से है। डिलीवरी कर्मचारी की मशीन पर ग्राहक अपना आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकता है। दूसरा विकल्प संबंधित गैस एजेंसी के कार्यालय या शोरूम पर जाकर प्रक्रिया पूरी करना है।

कुछ मामलों में तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए भी आधार से जुड़ी सत्यापन प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाती है। उपभोक्ताओं को किसी अनधिकृत लिंक या संदिग्ध ऐप के बजाय संबंधित कंपनी के आधिकारिक माध्यमों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

एलपीजी बुकिंग और डिलीवरी के दौरान मोबाइल नंबर की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके गैस कनेक्शन के साथ सही मोबाइल नंबर पंजीकृत हो। बुकिंग के लिए कंपनी द्वारा उपलब्ध आधिकारिक चैनलों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

सिलिंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड यानी DAC की व्यवस्था भी कई क्षेत्रों में लागू है। बुकिंग के बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त कोड डिलीवरी के समय कर्मचारी को देना पड़ सकता है। कोड की पुष्टि के बाद ही डिलीवरी प्रक्रिया पूरी मानी जाती है।

इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के ग्राहकों को बुकिंग नंबरों या अन्य सेवाओं से जुड़ी जानकारी के लिए अपनी संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक माध्यमों से ताजा विवरण जांचना चाहिए, क्योंकि संपर्क नंबर और प्रक्रियाएं समय के साथ अपडेट हो सकती हैं।

कुल मिलाकर, जिन घरेलू एलपीजी ग्राहकों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें अपनी गैस एजेंसी या संबंधित तेल कंपनी के आधिकारिक चैनल से स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। इससे सब्सिडी की पात्रता, कनेक्शन की स्थिति और डिलीवरी से जुड़े नियमों को लेकर किसी तरह की परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।

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