नई दिल्ली: उत्तराखंड के सिल्क्यारा सुरंग बचाव अभियान में अद्वितीय साहस और मानवता की मिसाल पेश करने वाले 12 रैट माइनर्स को केंद्र सरकार ने सर्वोच्च नागरिक जीवन रक्षा सम्मानों में शामिल ‘सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित किया। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में इन सभी वीर कर्मियों को पदक, प्रमाणपत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किया।
समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, एनएचआईडीसीएल के प्रतिनिधि तथा कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य उन कर्मवीरों को सम्मान देना था, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में निर्णायक भूमिका निभाई।
अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा कि सिल्क्यारा सुरंग हादसा हाल के वर्षों की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण बचाव कार्रवाइयों में से एक था। इस घटना ने पूरे देश को चिंता में डाल दिया था और सभी की निगाहें बचाव अभियान पर टिकी थीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और हर संभव संसाधन उपलब्ध कराया गया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस अभियान में कई सरकारी एजेंसियों और विशेषज्ञ संस्थानों ने मिलकर काम किया। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचआईडीसीएल, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), भारतीय सेना, उत्तराखंड सरकार तथा देशभर के तकनीकी विशेषज्ञों ने लगातार समन्वय बनाकर बचाव अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का सहारा लिया गया। सुरंग के भीतर पाइपलाइन स्थापित कर फंसे श्रमिकों तक भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई गई, जिससे उनका मनोबल बना रहा और बचाव अभियान को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
गडकरी ने विशेष रूप से रैट माइनर्स की भूमिका को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जब अत्याधुनिक मशीनों के सामने भी कठिनाइयां आईं, तब इन श्रमिकों ने बेहद संकरी और जोखिम भरी जगहों में प्रवेश कर हाथों से मलबा हटाया। उनके साहस, धैर्य और मेहनत की बदौलत सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि किसी दूसरे व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। ऐसे लोग समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं। सरकार का यह सम्मान उनके साहस और समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने का प्रयास है।
समारोह के दौरान प्रत्येक सम्मानित रैट माइनर को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, प्रमाणपत्र और स्मृति स्वरूप एक अतिरिक्त पदक भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही सभी को दो-दो लाख रुपये की एकमुश्त सम्मान राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई।
सम्मान प्राप्त करने वाले 12 रैट माइनर्स में वकील हसन, मुन्ना, अंकुर कुमार, मोनू कुमार, देवेंद्र, मोहम्मद राशिद, फिरोज कुरैशी, जतिन कश्यप, सौरभ कश्यप, मोहम्मद इरशाद, नसरुद्दीन और नसीम शामिल हैं। इन सभी ने बचाव अभियान के सबसे कठिन चरण में अहम भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम के अंत में नितिन गडकरी ने बचाव अभियान में शामिल सभी एजेंसियों, इंजीनियरों, सुरक्षा बलों और कर्मचारियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनाओं के कारण ही यह अभियान सफल हो सका। उन्होंने विश्वास जताया कि इन बहादुर रैट माइनर्स की कहानी आने वाले समय में सेवा, साहस और समर्पण की मिसाल बनकर देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी।