नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और मजबूत करने के उद्देश्य से कई शहरों और क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से अलग-अलग स्थानों के लिए संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं। इन नियुक्तियों के जरिए विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को गति देने की कोशिश की गई है। बीजेपी ने हाल के दिनों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर संगठन से जुड़ी कई जिम्मेदारियों में बदलाव किए हैं।
पार्टी की ओर से की गई नियुक्तियों में संगठन के अनुभवी चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। शिवप्रकाश को मुंबई में आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा से जुड़े संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें इन राज्यों के लिए राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिवप्रकाश पहले भी बीजेपी के संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों से जुड़े रहे हैं।
इसी क्रम में सौदान सिंह को भुवनेश्वर में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से जुड़े संगठनात्मक कामकाज की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें भी राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) के रूप में दायित्व सौंपा गया है। संगठन में अनुभवी नेताओं को क्षेत्रीय जिम्मेदारियां देने के पीछे राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर माना जा रहा है।

दिल्ली में भी संगठन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। वी. सतीश को दिल्ली में संगठक के तौर पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति मोर्चा तथा संसदीय कार्यालय से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नागेंद्र को वरिष्ठ कार्यकर्ता संपर्क से जुड़े संगठनात्मक दायित्व के लिए संगठक नियुक्त किया गया है। दिल्ली बीजेपी के लिए संगठनात्मक स्तर पर ये नियुक्तियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि राजधानी में पार्टी का केंद्रीय संगठन और विभिन्न राजनीतिक गतिविधियों का संचालन भी होता है।
महाराष्ट्र में अजय जामवाल को प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सतीश धोड़ को महाराष्ट्र में प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) के साथ जनजातीय संपर्क से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उनके दायित्व में गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत संबंधित राज्यों में जनजातीय संपर्क का काम भी शामिल किया गया है। इस तरह पार्टी ने संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संपर्क को भी अपने ढांचे में प्राथमिकता दी है।

इसके अलावा मधुकर, दशरथ सहित कई अन्य पदाधिकारियों को भी अलग-अलग क्षेत्रों और संगठनों से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी के स्तर पर लगातार हो रहे इन बदलावों का उद्देश्य संगठन की गतिविधियों को राज्यों और जमीनी स्तर तक अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करना बताया जा रहा है।
बीजेपी ने इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में बदलाव करते हुए कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारी दी थी। अगस्त में घोषित राष्ट्रीय टीम में संगठन से जुड़े प्रमुख पदों पर कई नेताओं को बरकरार रखा गया था। इसके बाद सितंबर में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई सूची भी जारी की गई।

नई नियुक्तियों के साथ बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा विभिन्न राज्यों में नए सिरे से जिम्मेदारियों के अनुसार सक्रिय होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में नियुक्त किए गए पदाधिकारियों के सामने स्थानीय संगठन के साथ समन्वय, कार्यकर्ताओं से संपर्क और पार्टी की गतिविधियों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर यह प्रक्रिया आने वाले समय में राज्यों में उसकी गतिविधियों और चुनावी तैयारियों के साथ भी जुड़ी रहेगी।