नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण भारी बारिश का दौर जारी है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि बिहार में मौसम विभाग ने 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में बारिश, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण 88 सड़कें बंद हैं। वहीं, ओडिशा और उत्तराखंड में भी भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है।
मध्य प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से स्थिति गंभीर हो गई है। सतना में भारी बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्तगोदावरी में पानी का स्तर बढ़ गया है। डिंडौरी में भी तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं।
बारिश और जलभराव के कारण 12 से ज्यादा गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र के कई गांवों में पानी भरने की खबर है।
बिहार में मौसम विभाग ने गुरुवार को 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्वी बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट है। कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने 21 से 23 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है।
बिहार में लगातार बारिश और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। बगहा क्षेत्र में नदी कटाव के कारण एक स्कूल के नदी में समा जाने की भी जानकारी सामने आई है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हैं। राज्य में कुल 88 सड़कें बंद बताई गई हैं। मंडी में सबसे ज्यादा 32, कुल्लू में 25 और सिरमौर में 10 सड़कें प्रभावित हैं।
कसौली और परवाणू में पेड़ गिरने और घरों में पानी घुसने से नुकसान हुआ है।
राज्य में इस मानसून सीजन में बारिश, बाढ़, भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से अब तक करीब 1,033 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान होने का अनुमान है। इसमें अकेले लोक निर्माण विभाग (PWD) को करीब 750 करोड़ रुपये की क्षति बताई गई है।
ओडिशा में सुवर्णरेखा और बैतरणी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसका असर बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में पड़ा है।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए 3 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।
उत्तराखंड में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में बुधवार को चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो साल का बच्चा और दिल्ली की 25 वर्षीय महिला भी शामिल है।
भारी बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हुआ है और सड़कें बंद हो गई हैं। नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश के गोंडा में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ का पानी पांच गांवों तक पहुंच गया है।
वहीं, सोनभद्र में कनहर डैम का जलस्तर बढ़कर 263.1 मीटर तक पहुंच गया। इसके बाद डैम के 14 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे आसपास के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है।
लगातार बारिश के कारण झारखंड के मध्य हिस्सों में कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। हजारीबाग के कई क्षेत्रों में बुधवार को जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
असम के जोनाई में पहले बाढ़ के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके चलते बच्चों को स्कूल जाने के लिए नाव से नदी पार करनी पड़ रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। बिहार में 21 से 23 अगस्त के बीच भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। हिमाचल प्रदेश समेत पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।