तिरुवनंतपुरम: केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन को राहत और बचाव अभियान तेज करना पड़ा। राज्य में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक छह लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1,465 लोगों को सुरक्षित निकालकर विभिन्न राहत शिविरों में ठहराया गया है।
बारिश के चलते कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। विशेष रूप से अलुवा क्षेत्र में बहने वाली पेरियार नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रसिद्ध शिवरात्रि मणप्पुरम और वहां स्थित शिव मंदिर पानी में डूब गए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई है।
राज्य के कई जिलों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। जिन इलाकों में जलभराव अधिक है, वहां नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है ताकि विस्थापित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है क्योंकि जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने स्थानीय निकायों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत शिविर खोलने और बचाव दलों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
फिलहाल राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को प्राथमिकता दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो प्रभावित लोगों की संख्या और बढ़ सकती है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।