नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा की अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। एजेंसी ने रविवार को स्वीकार किया कि इन विषयों के प्रश्नपत्रों में वर्तनी, मुद्रण, अनुवाद और तथ्य संबंधी कई गलतियां थीं। अब इन तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा सितंबर में कराई जाएगी।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने बताया कि 22 से 30 जून के बीच विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की ओर से प्रश्नपत्रों में गड़बड़ियों को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
जांच के लिए गठित समिति ने प्रश्नपत्रों की समीक्षा की। समिति को प्रश्नपत्रों में नाम गलत लिखे होने, पुस्तकों के नाम में त्रुटियां, सवालों के गलत तरीके से लिखे जाने, व्याकरण, विराम चिह्न, अनुवाद और तथ्य संबंधी कई गलतियां मिलीं।
समिति ने यह भी पाया कि प्रश्नपत्रों में पहले पूछे जा चुके कई सवाल दोबारा शामिल कर दिए गए थे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने स्पष्ट किया कि इन गड़बड़ियों को केवल गलत सवाल हटाकर ठीक करना संभव नहीं था। इसी वजह से अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की परीक्षाएं पूरी तरह रद्द करके दोबारा कराने का फैसला लिया गया।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार, अंग्रेजी विषय की दोबारा परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी। इसी दिन वाणिज्य विषय की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी।
समाजशास्त्र विषय की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने रविवार सुबह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के कुल 87 में से 84 विषयों की अस्थायी उत्तर कुंजी जारी कर दी। अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की उत्तर कुंजी जारी नहीं की गई, क्योंकि इन तीनों विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी पिछले कुछ समय से परीक्षाओं से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रही है। इस वर्ष 3 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक के प्रश्नपत्र को लेकर भी विवाद सामने आया था। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई थी।
वर्ष 2024 में भी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक के प्रश्नपत्र से जुड़ा मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं।
अब अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र के अभ्यर्थियों को सितंबर में होने वाली दोबारा परीक्षा में शामिल होना होगा। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि नई परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को अलग से शुल्क नहीं देना होगा।