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भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुम्मन से सीबीआई की साढ़े पांच घंटे पूछताछ

सीबीआई की 251 पन्नों की प्राथमिकी में छह लोगों को नामजद किया गया है। इनमें राजबीर सिंह घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और राइस शेलर कारोबारी राजदीप सिंह नागरा के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसियां वर्ष 2023 से 2026 के बीच हुई कथित गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। प्राथमिकी में अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्रवाई, नीतिगत फैसलों, सरकारी टेंडर, लाइसेंस, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद और राजस्व मामलों में कथित लेन-देन जैसे पहलुओं का...

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  • October 17, 2026 2:35 pm IST, Published 45 minutes ago

चण्डीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले में शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के सामने पेश हुए। चंडीगढ़ के सेक्टर-30 स्थित सीबीआई कार्यालय में उनसे करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की गई। जानकारी के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने उनसे लगभग 40 सवाल पूछे। पूछताछ के बाद उन्हें रात करीब साढ़े आठ बजे कार्यालय से बाहर निकलते देखा गया। सीबीआई ने उन्हें आगे की पूछताछ के लिए सोमवार दोपहर दो बजे दोबारा पेश होने को कहा है। इस दौरान उनके साथ अधिवक्ता जीपीएस घुम्मन भी मौजूद थे।

राजबीर सिंह घुम्मन के वकील के अनुसार, वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए जांच में सहयोग करने के लिए सीबीआई कार्यालय पहुंचे थे। यह मामला पंजाब सरकार के कामकाज, अधिकारियों की तैनाती और विभिन्न सरकारी कार्यों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है और आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।

इस मामले में 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की प्राथमिकी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि, अदालत ने उस चरण में आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी समेत कठोर कार्रवाई नहीं करने का अंतरिम निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली पंजाब सरकार की याचिका पर नोटिस भी जारी किया था, जिसमें सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जांच में सहयोग करने को भी कहा था।

इससे पहले पांच अक्टूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। पंजाब सरकार ने छह अक्टूबर को इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद मामला देश की शीर्ष अदालत तक पहुंचा। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जुलाई और अगस्त 2026 में पंजाब के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी।

सीबीआई की 251 पन्नों की प्राथमिकी में छह लोगों को नामजद किया गया है। इनमें राजबीर सिंह घुम्मन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और राइस शेलर कारोबारी राजदीप सिंह नागरा के नाम शामिल हैं। जांच एजेंसियां वर्ष 2023 से 2026 के बीच हुई कथित गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। प्राथमिकी में अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्रवाई, नीतिगत फैसलों, सरकारी टेंडर, लाइसेंस, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद और राजस्व मामलों में कथित लेन-देन जैसे पहलुओं का उल्लेख है।

ईडी के अनुसार, नितिन गोहल कथित तौर पर सरकारी काम करवाने के इच्छुक लोगों और राजबीर सिंह घुम्मन के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभा रहा था। एजेंसी ने व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सामग्री मिलने का दावा भी किया है। इसके अलावा, ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की जमीन और रियल एस्टेट से जुड़े कथित मामलों की जांच के दौरान कुछ स्थानों से दस्तावेज तथा डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।

ईडी के दावे के मुताबिक, नितिन गोहल से 20.98 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। जांच एजेंसियां इन कथित लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

राजबीर सिंह घुम्मन से सीबीआई की पूछताछ को इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। सोमवार को होने वाली अगली पूछताछ में जांच अधिकारी उनसे अतिरिक्त जानकारी मांग सकते हैं। फिलहाल, मामले में जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सीबीआई की पड़ताल, उपलब्ध साक्ष्यों तथा न्यायिक निर्देशों के आधार पर तय होगी।

 

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