पायलट ने दावा किया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार से जनता का मोहभंग हो चुका है। उनके अनुसार, राज्य के लोग सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं और विभिन्न मुद्दों को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही ऐसी पार्टी है जिसके पास सरकार चलाने का अनुभव और जनता के हित में काम करने का राजनीतिक दृष्टिकोण है। कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि वह लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझे और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का भरोसा दे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी ने जनता के लिए काम करने का संकल्प लिया है। इसके तहत केवल बड़े शहरों और राजनीतिक मंचों तक सीमित रहने के बजाय गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ता हर गांव में पहुंचकर जनता से बातचीत करेंगे, उनकी परेशानियों को सुनेंगे और कांग्रेस के पक्ष में समर्थन मांगेंगे। पायलट ने स्पष्ट किया कि पार्टी का चुनावी अभियान जमीनी स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया जा सके।
पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सचिन पायलट ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई जा रही हैं। उनके इस बयान ने पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। पायलट ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं तो यह सरकार के लिए गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।
उन्होंने पंजाब के विधायकों पर भी भ्रष्टाचार को लेकर आरोप लगाए। पायलट का कहना था कि राज्य के कुछ विधायकों ने भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं पार कर दी हैं। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेता ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए हैं। इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

कांग्रेस की उम्मीदवारों की सूची को लेकर पूछे गए सवाल पर सचिन पायलट ने भरोसा दिलाया कि पार्टी सही समय पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया पार्टी की रणनीति और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जाएगी। पार्टी ऐसे चेहरों को मैदान में उतारने की कोशिश करेगी जो जनता के बीच अपनी पकड़ रखते हों और संगठन को मजबूती दे सकें।
कुल मिलाकर कांग्रेस पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए सक्रिय नजर आ रही है। राहुल गांधी की संगरूर रैली को पार्टी के अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस गांव-गांव तक पहुंच बनाने, जनता के मुद्दों को उठाने और मौजूदा सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस का यह अभियान पंजाब की राजनीति में कितना असर डालता है और आम आदमी पार्टी इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है।