पंजाब की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आम आदमी पार्टी से अलग हुए तीन विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। बीजेपी में शामिल होने के बाद तीनों नेताओं ने पंजाब की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पंजाब इस समय नशे, गैंगस्टरवाद, आर्थिक संकट और अधूरे चुनावी वादों जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य को मौजूदा हालात से बाहर निकालने के लिए केंद्र और पंजाब में एक ही पार्टी की सरकार होना जरूरी है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी समस्या यह है कि राज्य के मंत्री केंद्र सरकार के मंत्रियों से मुलाकात तक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी कौन-सी वजह है, जिसके चलते राज्य के मंत्री केंद्र के सामने पंजाब की जरूरतें और मांगें नहीं रख पा रहे। जौड़ामाजरा के मुताबिक, पहले अलग-अलग सरकारों के दौरान राज्य के मंत्री दिल्ली जाकर केंद्रीय नेतृत्व से मिलते थे और प्रदेश के विकास के लिए फंड हासिल करने की कोशिश करते थे। लेकिन मौजूदा सरकार में ऐसा नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पंजाब को मौजूदा संकट से बाहर निकालना है। इसके लिए केंद्र और राज्य में एक ही राजनीतिक दल की सरकार होना जरूरी है, ताकि विकास से जुड़े फैसलों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। जौड़ामाजरा ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य का राजस्व नहीं बढ़ा और आम आदमी पार्टी ने जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि कई बच्चों ने सरकारी स्कूल छोड़कर निजी स्कूलों में दाखिला लिया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को लेकर वे पंजाब के लोगों के बीच जाएंगे। उनके अनुसार, नशा राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है।
वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा ने बीजेपी में शामिल होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी पंजाब की राजनीति में आई थी, तब उसके नेताओं ने बदलाव और बेहतर शासन की उम्मीदें जगाई थीं। लेकिन समय बीतने के साथ पार्टी अपने वादों के मुताबिक काम नहीं कर सकी। पठानमाजरा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में पंजाब को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता राज्य को नशामुक्त बनाने और पंजाब को मौजूदा हालात से बाहर निकालने की होगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर पंजाब को बर्बादी की ओर ले जाने का आरोप भी लगाया।
पूर्व आईपीएस अधिकारी और विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी राज्य की स्थिति पर चिंता जताई। बीजेपी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। उनके मुताबिक, राज्य में नशे का कारोबार बढ़ा है और फिरौती की घटनाओं ने गंभीर रूप ले लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में फिरौती एक तरह के संगठित कारोबार का रूप ले चुकी है और गैंगस्टरवाद चरम पर है। कुंवर विजय प्रताप ने कहा कि आम लोग असुरक्षा और परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब का काम कर्ज के सहारे चल रहा है।
तीनों विधायकों के बीजेपी में शामिल होने पर पार्टी के पंजाब प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पार्टी में तीनों नेताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा। ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उसे डूबता हुआ जहाज बताया। तीन विधायकों के बीजेपी में जाने से पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है। यह घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है, जबकि बीजेपी इसे राज्य में अपना आधार मजबूत करने के अवसर के रूप में देख सकती है। हालांकि, नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि के आधार पर ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।