गंजाम जिले के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। ऋषिकुल्या नदी का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान को पार कर गया है। पुरुषोत्तमपुर क्षेत्र में नदी का पानी खतरे के स्तर से ऊपर पहुंचने के बाद आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ गई है। सोरड़ा, शेरगड़ा और सनाखेमुंडी सहित कई क्षेत्रों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सोरड़ा ब्लॉक के पालाकाटु, नुआगांव, ताताबाली और सुरमणि गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शेरगड़ा ब्लॉक के बी. ब्रह्मपुर, कृतिपुर और नारायणपुर गांवों का संपर्क भी अन्य क्षेत्रों से कट गया है। सड़कों पर पानी का तेज बहाव होने के कारण आसिका से ब्रह्मपुर और सोरड़ा के बीच यातायात ठप होने की जानकारी सामने आई है। इससे राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने में भी चुनौतियां पैदा हो रही हैं। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने उच्चस्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की। अधिकारियों के अनुसार, गंजाम जिले में चार अलग-अलग स्थानों पर लगभग 120 लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हवाई अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया है। बचाव कार्य में भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, इस अभियान की सफलता मौसम, दृश्यता और प्रभावित इलाकों की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
जमीन पर राहत और बचाव अभियान को भी व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) की 15 टीमों को गंजाम जिले में तैनात करने की जानकारी दी गई है। ये टीमें खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर, कटक और भद्रक समेत विभिन्न स्थानों से भेजी गई हैं। राज्य की आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और उन्हें भोजन, दवाइयां तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है। चक्रवात के प्रभाव से दक्षिणी ओडिशा में पिछले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक बारिश दर्ज की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पत्रापुर में सबसे ज्यादा 546 मिलीमीटर बारिश हुई। जी. उदयगिरि में 462.4 मिलीमीटर, सनाखेमुंडी में 388 मिलीमीटर, राइकिया में 384.8 मिलीमीटर, सोरड़ा में 375 मिलीमीटर और चिकिटी में 309.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इतनी अधिक बारिश के कारण नदियों, नालों और निचले इलाकों में जलभराव बढ़ा है। कई स्थानों पर सड़कें डूबने से आवागमन प्रभावित हुआ है और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है। चक्रवात और भारी बारिश का असर पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। श्रीकाकुलम क्षेत्र में एक रेलवे पुल के ऊपर से बाढ़ का पानी बहने के कारण संबंधित रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ओडिशा सरकार रेलवे अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
रेल सेवाओं को दोबारा शुरू करने से पहले संबंधित मार्ग की सुरक्षा का आकलन करना जरूरी होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों, जलमग्न पुलों और तेज बहाव वाली सड़कों से दूर रहें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिना जरूरत बाहर निकलने से बचने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले समय में बारिश की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल गंजाम जिले में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और प्रशासन का मुख्य ध्यान प्रभावित लोगों की सुरक्षा, जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता तथा बाधित संपर्क मार्गों की स्थिति सुधारने पर है।