वाराणसी के सभी 84 घाट डूबे

 छत पर हो रही गंगा आरती और अंतिम संस्कार; दिल्ली में सामान्य से ज्यादा बारिश, राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। […]

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  • August 22, 2026 9:24 am IST, Published 3 weeks ago

 छत पर हो रही गंगा आरती और अंतिम संस्कार; दिल्ली में सामान्य से ज्यादा बारिश, राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं। वहीं दिल्ली में अगस्त में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। दूसरी ओर राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने से कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ गई है।

वाराणसी के सभी घाट जलमग्न

उत्तर प्रदेश में गंगा और घाघरा समेत छह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण सभी 84 घाट जलमग्न हो गए हैं।

पानी बढ़ने के चलते मणिकर्णिका घाट पर छत के ऊपर अंतिम संस्कार किया जा रहा है। वहीं प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है। घाटों के डूबने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

लखनऊ, बाराबंकी समेत उत्तर प्रदेश के कई शहरों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में भी गंगा का पानी आसपास के इलाकों में पहुंच गया है।

दिल्ली में अगस्त में सामान्य से ज्यादा बारिश

दिल्ली में शुक्रवार रात से रुक-रुककर बारिश जारी है। सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार, 1 से 21 अगस्त के बीच दिल्ली में 235.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि पूरे अगस्त महीने की सामान्य बारिश 233.1 मिलीमीटर है।

इस तरह अगस्त का महीना पूरा होने से पहले ही दिल्ली में सामान्य बारिश का आंकड़ा पार हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताहांत में भी दिल्ली में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून

राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। शुक्रवार को राज्य के 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन 11 जिलों में तेज धूप रही। बाकी चार जिलों में भी 10 मिलीमीटर से कम बारिश दर्ज हुई।

बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस और चूरू में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

हरियाणा में फिर सक्रिय हुआ मानसून

हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। झज्जर में शुक्रवार देर रात तेज बारिश हुई, जबकि पानीपत और सोनीपत समेत कई इलाकों में बादल छाए रहे।

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और पानीपत में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

20 अगस्त तक हरियाणा में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

पंजाब में बारिश का अलर्ट

पंजाब के जालंधर और पठानकोट में शनिवार सुबह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।

राज्य के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। चंडीगढ़ में सुबह से बादल छाए हुए हैं और तापमान सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है।

कई राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित

देश के कई हिस्सों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मध्य प्रदेश के सतना में भारी बारिश के बाद शबरी वाटरफॉल उफान पर है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में बारिश के बीच भी बच्चे स्कूल जाते नजर आए। देहरादून-मसूरी मार्ग पर भूस्खलन के कारण सड़क पर मलबा आ गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।

शिमला के ताराहाल इलाके में भी चलती कार पर पेड़ गिरने की घटना सामने आई। इस दौरान एक बाइक सवार बाल-बाल बच गया।

फिलहाल मौसम विभाग की नजर उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों पर बनी हुई है। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति, दिल्ली में लगातार बारिश और राजस्थान में कमजोर मानसून के बीच अगले कुछ दिनों का मौसम महत्वपूर्ण रहने वाला है।

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