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तीसरी बार सरकार बनाइए, उत्तर प्रदेश में यूसीसी लागू करेंगे: अमित शाह

अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को अर्जुन की तरह लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर 2027 में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना चाहिए। बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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Gauravshali Bharat News
  • October 30, 2026 3:45 pm IST, Published 45 minutes ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी रणनीति के तहत केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ रणनीतिकार अमित शाह शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। उन्होंने प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक का शुभारंभ करते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए पूरी ताकत से जुटने का संदेश दिया। इस दौरान शाह ने विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की राजनीतिक पकड़ इतनी मजबूत है कि आने वाले तीन दशकों तक पार्टी की सरकार बनी रह सकती है।
कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा ब्रजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अमित शाह ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को सामान्य चुनाव की तरह नहीं, बल्कि संगठन की ताकत और सरकार के कामकाज के आधार पर बड़ी राजनीतिक चुनौती के रूप में देखना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को अभी से बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को मजबूत करना चाहिए। अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी की स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि प्रदेश में पार्टी अंगद के पैर की तरह है, जिसे कोई हिला नहीं सकता।

उन्होंने कार्यकर्ताओं में उत्साह भरते हुए दावा किया कि बीजेपी अगले 30 वर्षों तक प्रदेश की राजनीति में प्रभावशाली बनी रहेगी। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अगले 30 साल तक चुनाव नहीं जीत पाएंगे। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष के खिलाफ भाजपा के आक्रामक राजनीतिक रुख के तौर पर देखा जा रहा है। शाह ने अपने भाषण में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जा चुकी है और उत्तर प्रदेश की बारी भी आएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि प्रदेश में भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में पहुंचाएं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में भी यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में समान नागरिक संहिता का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।

वोट चोरी के आरोपों को लेकर भी अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती दी। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि यदि उन्हें मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई सवाल है तो संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए सामने आएं। शाह ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है और विशेष सत्र बुलाकर भी चर्चा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाता है, लेकिन संसद में चर्चा करने से पीछे हटता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए शाह ने कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने कठोर प्रशासनिक फैसलों के जरिए माफिया और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

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शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को अपराध और अराजकता से बाहर निकालने में मौजूदा सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का भी आह्वान किया। अपने संबोधन में अमित शाह ने भाजपा के पुराने चुनावी प्रदर्शन का उदाहरण देकर कार्यकर्ताओं को संगठन की ताकत समझाई। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की स्थिति बेहद कमजोर थी और पार्टी के पास विधानसभा में केवल 44 विधायक थे। उस समय संगठन को मजबूत करने के लिए उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों और तहसीलों तक जाकर काम किया। संगठन के मजबूत होने के बाद पार्टी को लोकसभा चुनाव में बड़ी सफलता मिली। शाह के मुताबिक, 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करीब 41 प्रतिशत वोट हासिल करते हुए 73 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि उस चुनाव में भाजपा ने लगभग 40 प्रतिशत वोट हासिल किए और 312 सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने नोटबंदी के बाद बने राजनीतिक माहौल का जिक्र करते हुए दावा किया कि विपक्ष को उस समय भाजपा की सफलता की उम्मीद नहीं थी। इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि मजबूत संगठन और स्पष्ट रणनीति के सहारे आगामी चुनाव में भी बड़ी जीत हासिल की जा सकती है। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को अर्जुन की तरह लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर 2027 में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करना चाहिए। बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

कुल मिलाकर लखनऊ में हुई भाजपा कार्यसमिति की बैठक को 2027 के विधानसभा चुनाव की शुरुआती रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। अमित शाह के भाषण से साफ संकेत मिला है कि भाजपा उत्तर प्रदेश में अपनी सत्ता बरकरार रखने के लिए संगठन, विकास, कानून-व्यवस्था और यूसीसी जैसे मुद्दों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाएगी। वहीं राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर उनके हमलों से यह भी स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में भाजपा और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।


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