लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी कार्रवाई के बीच विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से चल रही जांच के दौरान विजिलेंस को ऐसे कई दस्तावेज और संपत्तियों का पता चला, जिनका हिसाब अधिकारी संतोषजनक ढंग से प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया गया।
जानकारी के अनुसार ललित कुमार पहले आगरा में एआरटीओ के पद पर तैनात रह चुके हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच के दौरान उनके ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें कई अहम दस्तावेज और मूल्यवान सामान बरामद होने का दावा किया गया है।
विजिलेंस के अनुसार तलाशी के दौरान करीब 15 संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का विवरण, म्यूचुअल फंड में निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा दो लग्जरी कारें, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर, बड़ी मात्रा में नकदी और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि तलाशी में सोने और चांदी के बिस्किट भी मिले हैं, जिनकी वास्तविक कीमत और वैध स्रोत की जांच की जा रही है।
जांच के दौरान विजिलेंस अधिकारियों ने पूर्व एआरटीओ से बरामद संपत्तियों और निवेश के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी थी। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान वह अपनी आय के अनुरूप इन संपत्तियों का संतोषजनक विवरण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक अब विजिलेंस यह भी जांच कर रही है कि इन संपत्तियों का संबंध किसी अन्य व्यक्ति या बेनामी निवेश से तो नहीं है। बरामद दस्तावेजों का मिलान राजस्व रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और अन्य सरकारी अभिलेखों से किया जा रहा है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है।
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और वित्तीय लेन-देन के कई पहलुओं की जांच जारी है। यदि आवश्यकता पड़ी तो पूर्व अधिकारी से दोबारा पूछताछ की जाएगी और उनकी संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन भी कराया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से भी आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त रुख अपनाए हुए है और आय से अधिक संपत्ति के मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिन मामलों में ठोस साक्ष्य मिलेंगे, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।