यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब नीयत साफ हो तो नियति बदलने में देर नहीं लगती है। करने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो और नीयत भी उसी के अनुरूप हो तो परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं। गोरखपुर में नौ वर्षों के अंदर आया विकासपरक परिवर्तन इसका प्रमाण है। सीएम योगी ने गुरुवार पूर्वाह्न राप्ती नदी के एकला बंधा पर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कर बनाए गए ईको पार्क, नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क सहित विकास की 1055 करोड़ रुपए की लागत वाली 497 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वच्छता टूलकिट और कैलेंडर का अनावरण कर स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ किया।
लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ अच्छा करने की इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने एकला बंधा पर ईको पार्क के रूप में हुए नए कायाकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि वाराणसी या लखनऊ की तरफ से गोरखपुर प्रवेश करते ही सबसे पहला मुकाबला कचरे से होता था। बहुत भद्दा और बहुत बुरा लगता था, लेकिन करने की इच्छाशक्ति से धीरे-धीरे परिवर्तन होता गया। उन्होंने कहा कि आज से 30-35 वर्ष पहले, आज जहां ट्रांसपोर्ट नगर बना है, पहले गोरखपुर का सारा कचरा वही डंप होता था। नगर निगम ने उसका समाधान किया तो आज वहां ट्रांसपोर्ट नगर है, बेहतरीन मार्केट और गोरखपुर की मंडी है। ट्रांसपोर्ट नगर बन जाने के बाद कचरा एकला बांध पर गिराया जाने लगा। इसका परिणाम हुआ, वायु प्रदूषण, जमीन में जहर, नदी प्रदूषण और भूजल स्तर पर भी प्रभाव। इसके चलते एनजीटी भी जुर्माना लगाती थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत से नियति को बदला गया और बेहतरीन ईको पार्क तैयार हो गया। ईको पार्क के विकास के लिए नगर निगम की पूरी टीम की तारीफ करते हुए सीएम योगी ने कहा कि नगर निगम ने गोरखपुर शहर के प्रवेश द्वार पर कचरे को कंचन में बदलने का काम किया है। 2.26 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण कर बनाया गया ईको पार्क पूरे परिवार के लिए पिकनिक स्पॉट और बेहतरीन पर्यटन स्थल बन गया है। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए पार्क है। योग और ध्यान की क्रिया के लिए व्यक्ति यहां आराम से बैठ सकता है। यह जो परिवर्तन आया है, वह गोरखपुर के विकास का मजबूत विश्वास और यहां की टीम के दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इच्छाशक्ति और साफ नीयत के कारण बीते नौ वर्षों में गोरखपुर में हर क्षेत्र में बदलाव हुआ है। गोरखपुर ने रोड कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, उद्योग, रोजगार सहित हरेक क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। पहले जहां खेलने की सुविधा नहीं थी, आज गोरखपुर में कई मिनी स्टेडियम बने हैं। गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में एक इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज चिकित्सा के उत्कृष्ट केंद्र बने हैं। यहां चार विश्वविद्यालय है। गोरखपुर में खाद कारखाने में काम शुरू हो गया है और पिपराइच में चीनी में मिल भी लग गई है। इतना ही नहीं, दक्षिणांचल सहित जिले में बाढ़ की समस्या का भी तेजी से समाधान हो रहा है। सीएम योगी ने ईको पार्क के सामने से नौसढ़-मलौनी फोरलेन सड़क को नौसढ़ की जाम की समस्या का समाधान करने का माध्यम बताते हुए कहा कि करीब तीन किमी लंबे इस फोरलेन से लखनऊ और वाराणसी मार्ग पर आने जाने के लिए आवागमन और भी सुगम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर नगर में जहां पहले पानी भरता था, आज वहां बेहतर नालियां है। जहां पहले अंधेरा था, आज वहां एलइडी स्ट्रीट लाइट की रोशनी है। जहां लोगों के सामने पेयजल की समस्या थी, वहां आज शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बिजली नहीं मिलती थी। अब इस एकला तटबंध पर जो भी बिजली जलेगी, वह सोलर एनर्जी होगी। इसके लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। यह भी नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में किया गया एक बेहतरीन प्रयास है। यहां पर जो सिटी फॉरेस्ट लगाया गया है, यह अपने आप में पूरे क्षेत्र को अत्यंत हरियाली से युक्त करके प्रदूषण से मुक्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा। जहां पहले समस्या थी, आज वहां पर गोरखपुर महानगर ने समाधान दिया है।
सीएम योगी ने कहा कि आज जो भी यूपी में आता है, उसको प्रदेश के अंदर कुछ बदलाव देखने को मिलता है। सेफ और स्मार्ट सिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है और इसी के अनुरूप प्रदेश के सभी नगर निगम स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आज प्रदेश में सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट सड़कें बन रही हैं। सभी वार्डों में ग्रीन बेल्ट एंड मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और पार्कों के सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है। मलिन बस्तियों का विकास किया जा रहा है। खुली नालियों को बेहतरीन तरीके से ढकने का काम किया जा रहा है। समुचित जल निकासी के प्रबंध किए जा रहे हैं। लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के मंच से स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर को 7 स्टार गार्बेज फ्री सिटी बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण में टॉप 3 में लाने के लिए स्कूली बच्चों के विशेष अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसमें शामिल एक लाख से अधिक बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर पहुंचेगा। बच्चों को आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज, रीसाइकिल) के बारे में बताया जाएगा। वेस्ट टू आर्ट, निबंध और रील्स प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्वच्छता के संदेश का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान से 2000 से अधिक शिक्षकों और 1000 से ज्यादा अनुभवी अभिभावकों को जोड़कर इसे एक व्यापक जन आंदोलन बनाने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर ग्रामीण के विधायक का आह्वान किया कि वे आगामी वन महोत्सव के दौरान एकला तटबंध पर कार्यकर्ताओं के साथ आकर पौधरोपण करें। इसी तरह उन्होंने सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्ड में खाली भूमि और पार्कों में मिनी सिटी फॉरेस्ट फॉरेस्ट विकसित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों से बचने के लिए अधिकाधिक पौधरोपण और लगाए गए पौधों की सुरक्षा करने का आह्वान किया। वैदिक मंत्र उपचार के बीच फीता काटकर लोकार्पण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईको पार्क का भ्रमण किया। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने उन्हें पार्क में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। इस दौरान नगर आयुक्त ने मुख्यमंत्री के समक्ष चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से यहां के पूर्व और वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक दृश्य भी प्रस्तुत किया। पार्क का भ्रमण करने के दौरान सीएम योगी ने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम के दस्ते में शामिल नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों में पोकलेन, सीएनजी मैजिक, स्किड लोडर और डीपफ्रीजरयुक्त मोक्ष वाहन शामिल हैं। मोक्ष वाहन पार्थिव शरीर के सम्मानजनक परिवहन के काम आएगा। समारोह स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीएम ग्रिड (चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत 6 स्मार्ट सड़कों का भी शिलान्यास किया।