उत्तर प्रदेश में राजस्व मामलों की अनदेखी पर बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग से जुड़ी कार्यप्रणाली को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पांच तहसीलदारों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया […]

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  • September 9, 2026 1:43 pm IST, Published 1 hour ago
उत्तर प्रदेश में राजस्व विभाग से जुड़ी कार्यप्रणाली को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच पांच तहसीलदारों को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही 13 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई को राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जिन पांच तहसीलदारों के निलंबन की जानकारी दी गई है, उनमें हरदोई जिले की सण्डीला तहसील में तैनात अमित यादव, देवरिया के तहसीलदार कृष्ण कुमार मिश्रा, जौनपुर के तहसीलदार सौरभ कुमार, गाजीपुर के तहसीलदार रंजन वर्मा और प्रतापगढ़ के तहसीलदार अलख शुक्ला शामिल हैं।

इन अधिकारियों पर राजस्व से संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरतने और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों का सामना करने की बात कही गई है। कार्रवाई के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि राजस्व न्याय से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी या किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

कारण बताओ नोटिस पाने वाले अधिकारियों में देवरिया के तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान में गोरखपुर में तैनात चन्द्रशेखर वर्मा तथा देवरिया के तत्कालीन नायब तहसीलदार और वर्तमान में कुशीनगर में तहसीलदार गोपाल जी का नाम शामिल है। जौनपुर के तहसीलदार रंनिरंजन कश्यप को भी नोटिस जारी किया गया है।

इसके अलावा जौनपुर के तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान में बलरामपुर में तैनात राकेश कुमार तथा बाराबंकी की तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान में गोण्डा में तैनात कविता ठाकुर से भी जवाब मांगा गया है। सुल्तानपुर के तत्कालीन तहसीलदार और वर्तमान में फिरोजाबाद में तैनात देवानन्द तिवारी को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

अयोध्या की तत्कालीन नायब तहसीलदार और वर्तमान में लखनऊ में तहसीलदार स्नेहिल वर्मा, अमेठी के तहसीलदार राहुल सिंह तथा प्रतापगढ़ के तहसीलदार अनिल कुमार भी इस सूची में शामिल हैं। लखनऊ में तैनात नायब तहसीलदार यजुवेन्द्र सिंह, तहसीलदार सुखवीर सिंह और तहसीलदार शरद सिंह से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। रायबरेली के नायब तहसीलदार रमाशंकर मिश्रा को भी नोटिस जारी किया गया है।

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