नयी दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को “इंडियन स्टेट” से जुड़े उनके बयान के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। यह फैसला ओपन कोर्ट में सुनाया गया, जिसे जस्टिस विक्रम डी चौहान की एकल पीठ ने दिया। इस मामले में अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 8 अप्रैल 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है। हालांकि, विस्तृत आदेश अभी अपलोड होना बाकी है, जिसके बाद फैसले के कानूनी आधार स्पष्ट हो पाएंगे। यह पूरा विवाद राहुल गांधी के एक बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी विचारधारा आरएसएस की तरह हजारों साल पुरानी है और उनकी लड़ाई केवल किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि एक व्यापक वैचारिक संघर्ष है। उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा और आरएसएस ने देश की संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और अब उनकी लड़ाई “इंडियन स्टेट” से भी है।
इस बयान को लेकर याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने अदालत का रुख किया था। उन्होंने पहले संभल की चंदौसी कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ निगरानी याचिका दाखिल की थी, जिसे 7 नवंबर 2025 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने कमजोर आधारों के चलते खारिज कर दिया था। इसके बाद सिमरन गुप्ता ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का बयान आपत्तिजनक है और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया।