नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। करीब 12 दिन की चुप्पी के बाद राजभर ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को टैग करते हुए रोजगार और पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा।
राजभर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में करीब एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और यह आंकड़ा जल्द ही 10 लाख तक पहुंच जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल में कहा था कि अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है।
राजभर ने इसी मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सरकार की ओर से दी जा रही नौकरियों की संख्या गिनते रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में सरकारी नौकरियों में भेदभाव और लेन-देन की शिकायतें थीं। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि उस दौर में युवाओं का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया। हालांकि, ये आरोप राजभर के राजनीतिक दावे हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।
राजभर ने अपनी पोस्ट में आगामी विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन का हवाला दिया। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी चुनाव में मुकाबला एकतरफा नहीं होना चाहिए। राजभर ने अपने संदेश में सपा सरकार के समय युवाओं और अपराध से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए और कहा कि मौजूदा सरकार के दोबारा सत्ता में आने की संभावना को लेकर उन्होंने अपनी राजनीतिक टिप्पणी की।
का भइया अखिलेश जी, हाल-चाल ठीक है न?
वैसे लगता नहीं है कि हाल ठीक होगा। चुनाव से पहले एक लाख युवाओं को नौकरी मिलने जा रही है। वो भी बिना लेन-देन के, बिना भेदभाव के, बिना जात-पात के, बिना क्षेत्रवाद के।
नौ साल में साढ़े नौ लाख नौकरी दी जा चुकी है। दस का आंकड़ा कुछ हफ़्तों में…
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) September 22, 2026
ओमप्रकाश राजभर का यह हमला उस बयान के बाद आया है, जिसमें अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए राजभर पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर तंज कसा था। रविवार को एक सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा था कि राजभर की हाल में कोई पोस्ट दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कहीं उनका पासवर्ड तो नहीं छिन गया। अखिलेश ने यह भी कहा था कि पासवर्ड वापस पाने को लेकर बार्गेनिंग चल रही होगी और किसी ‘गिनती’ को लेकर भी बातचीत हो सकती है।
अखिलेश यादव की इस टिप्पणी के बाद राजभर ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया। दोनों नेताओं के बीच यह राजनीतिक तकरार ऐसे समय में सामने आ रही है, जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। रोजगार, सरकारी भर्तियां, पिछली सरकारों का रिकॉर्ड और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों के बीच बहस के प्रमुख विषय बने हुए हैं।
इस पूरे विवाद में सरकारी नौकरियों के आंकड़े भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों में कहा है कि अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल किया जाएगा। सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा किया गया है। दूसरी ओर, विपक्ष रोजगार और सरकारी दावों को लेकर सवाल उठाता रहा है।