राजभर ने अखिलेश को घेरा, बोले-विपक्ष के पास मुद्दे नहीं बचे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राजभर ने विपक्ष की भूमिका और अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं बचे […]

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  • August 16, 2026 2:20 pm IST, Published 10 hours ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। राजभर ने विपक्ष की भूमिका और अखिलेश यादव की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए अब वह मसखरेपन और बयानबाजी का सहारा ले रहा है।

राजभर ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार महिलाओं, किसानों और युवाओं के हित में काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकताओं में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और अपराध पर प्रभावी कार्रवाई करना भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि अपराधियों को उनके सही ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है और प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है।

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीतिक शैली पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के पास सरकार को घेरने के लिए अब कोई मजबूत मुद्दा नहीं है। इसी वजह से विपक्ष की राजनीति व्यक्तिगत टिप्पणियों और सोशल मीडिया पर बयानबाजी तक सीमित होती जा रही है। उन्होंने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जनता के बीच जाकर वास्तविक समस्याओं को समझने के बजाय ट्वीट के जरिए राजनीति करने की आदत बन गई है।

राजभर ने समाजवादी पार्टी की रैलियों और कार्यक्रमों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हफ्ता वसूली करने वाले लोग समाजवादी पार्टी की रैलियों में दिखाई देते हैं। हालांकि ये आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं और इनके समर्थन में राजभर ने इस बयान के दौरान कोई विस्तृत प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।

उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान प्रदेश की जनता की समस्याओं पर है। महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण, किसानों की स्थिति में सुधार तथा युवाओं के लिए रोजगार और अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राजभर ने दावा किया कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ कानून-व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए राजभर ने उनके परिवार और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी व्यंग्य किया। उन्होंने तंज कसते हुए ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। उनका संकेत समाजवादी पार्टी के भीतर परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर था। राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की राजनीति में परिवारवाद का प्रभाव लंबे समय से दिखाई देता रहा है।

राजभर ने अखिलेश यादव की सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता एसी कमरों में बैठकर ट्वीट करने तक सीमित हो गए हैं। उनके मुताबिक, सरकार और उसके मंत्री लगातार जनता के बीच जाकर काम कर रहे हैं, जबकि विपक्ष केवल सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर टिप्पणी करता रहता है।

ओपी राजभर के इन बयानों को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रदेश में चुनावी माहौल धीरे-धीरे तेज हो रहा है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर बढ़ रहा है। भाजपा और उसके सहयोगी दल जहां सरकार के कामकाज और कानून-व्यवस्था को अपनी उपलब्धि के तौर पर पेश कर रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी सरकार की नीतियों और कामकाज पर लगातार सवाल उठाती रही है।

राजभर ने कहा कि विपक्ष को केवल बयानबाजी करने के बजाय जनता के बीच जाकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार के कामकाज का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है और जनता विकास तथा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।

दूसरी ओर, राजभर के बयान के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के बीच लगातार तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। ऐसे में राजभर का ताजा हमला भी आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।फिलहाल लखनऊ से सामने आए ओपी राजभर के बयान ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति, सोशल मीडिया सक्रियता, परिवारवाद और समाजवादी पार्टी की रैलियों को लेकर कई तीखे आरोप लगाए हैं।

 

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