नई दिल्ली : दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के बाहर सुबह-सुबह मरीजों और उनके परिजनों की भीड़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में अस्पताल के आसपास बड़ी संख्या में लोग दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग सड़क किनारे बैठे हैं, तो कुछ अस्पताल में प्रवेश और इलाज की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण सवाल को सामने लाता है कि आखिर बेहतर इलाज के लिए मरीजों को इतनी दूर यात्रा करके बड़े सरकारी अस्पतालों तक क्यों पहुंचना पड़ता है?
सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो को 17 अगस्त 2026 की सुबह का बताया गया है। हालांकि, वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग की तारीख और उसमें दिखाई देने वाली भीड़ की वास्तविक संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सुबह-सुबह एम्स के बाहर दिखाई दी मरीजों की भीड़
वायरल वीडियो में दिल्ली एम्स के आसपास की सड़क पर बड़ी संख्या में लोग नजर आ रहे हैं। सड़क के किनारे लगी रेलिंग और बैरिकेड के आसपास मरीज तथा उनके परिजन बैठे दिखाई देते हैं। कई लोग अपने साथ जरूरी सामान लेकर पहुंचे हैं।
वीडियो के साथ साझा किए गए विवरण में दावा किया गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग कई किलोमीटर की यात्रा करके दिल्ली एम्स पहुंचते हैं। उन्हें उम्मीद रहती है कि यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज मिल सकेगा।
हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति के वहां मौजूद होने का कारण स्पष्ट नहीं है। सभी लोगों को मरीज या इलाज के लिए प्रतीक्षा कर रहे तीमारदार मान लेना उचित नहीं होगा।
देशभर से दिल्ली एम्स क्यों पहुंचते हैं मरीज?
दिल्ली एम्स देश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां सामान्य चिकित्सा के साथ कैंसर, हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट में विभिन्न विभागों में बड़ी संख्या में मरीजों के उपचार और परामर्श का विवरण दर्ज है। यह अस्पताल की व्यापक चिकित्सा सेवाओं और मरीजों की मांग को दर्शाता है।
बेहतर विशेषज्ञ उपचार की तलाश में दूसरे राज्यों से बड़े अस्पतालों का रुख करने वाले मरीजों को यात्रा, रहने और अस्पताल की प्रक्रियाओं जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
इलाज से पहले मरीजों के सामने कई चुनौतियां
दूर-दराज के इलाकों से दिल्ली पहुंचने वाले मरीजों के लिए केवल अस्पताल तक पहुंचना ही पर्याप्त नहीं होता। चिकित्सकीय परामर्श, जांच, अगली अपॉइंटमेंट और आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है।
जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उनके लिए दिल्ली में ठहरना और बार-बार यात्रा करना अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के साथ आए परिजनों को भी इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
वायरल वीडियो में सड़क किनारे बैठे लोगों के दृश्य इन्हीं व्यापक मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं। हालांकि, वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की बीमारी, आर्थिक स्थिति या अस्पताल से जुड़ी परेशानी की पुष्टि नहीं की जा सकती।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा भी उपलब्ध
दिल्ली एम्स में मरीजों के लिए ऑनलाइन ओपीडी अपॉइंटमेंट की सुविधा उपलब्ध है। मरीज सरकारी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम के माध्यम से संबंधित अस्पताल और विभाग में उपलब्ध अपॉइंटमेंट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, डिजिटल सेवाओं की जानकारी और इंटरनेट की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है।
छोटे शहरों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत
दिल्ली एम्स जैसे बड़े संस्थानों में मरीजों की आवाजाही क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। यदि जिला अस्पतालों और क्षेत्रीय चिकित्सा संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक जांच सुविधाओं और गंभीर बीमारियों के उपचार की उपलब्धता बढ़ती है, तो मरीजों को शुरुआती इलाज के लिए महानगरों की यात्रा करने की जरूरत कम हो सकती है। इसके साथ ही मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था और अस्पतालों के बीच चिकित्सकीय जानकारी साझा करने की सुविधाएं भी महत्वपूर्ण हैं।
मरीजों को यात्रा से पहले क्या करना चाहिए?
दिल्ली एम्स में इलाज कराने की योजना बना रहे मरीजों के लिए अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट पर संबंधित विभाग की जानकारी देखना उपयोगी हो सकता है। अपॉइंटमेंट मिलने के बाद मरीज अपने पुराने चिकित्सकीय दस्तावेज, जांच रिपोर्ट और पहचान संबंधी जरूरी कागजात साथ रख सकते हैं।
गंभीर स्वास्थ्य समस्या या आपातकालीन स्थिति में नियमित ओपीडी अपॉइंटमेंट की प्रतीक्षा करने के बजाय तत्काल उपलब्ध आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं पर फिर उठे सवाल
दिल्ली एम्स के बाहर की भीड़ का यह वीडियो एक व्यापक सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दे की याद दिलाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना और मरीजों के लिए उपचार तक पहुंच आसान बनाना महत्वपूर्ण है।
बड़े सरकारी अस्पतालों की सेवाओं के साथ क्षेत्रीय चिकित्सा संस्थानों को मजबूत करना भी जरूरी है, ताकि मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए अनावश्यक लंबी यात्राओं से बचाया जा सके।