लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में देश में दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया है। हाल ही में भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य ने इस क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति करते हुए अपनी राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार किया है। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि को राज्य की ऊर्जा नीति, प्रभावी योजनाओं और केंद्र सरकार के सहयोग का परिणाम बताया।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा क्रांति लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है। राज्य में अब तक 7.10 लाख से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही राज्य प्रतिदिन औसतन करीब 3,200 नए रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह गति दर्शाती है कि स्वच्छ ऊर्जा को लेकर लोगों में जागरूकता और सरकारी योजनाओं के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ भी इस अभियान में अग्रणी शहरों में शामिल हो गई है। दैनिक और कुल रूफटॉप सोलर स्थापना दोनों मामलों में लखनऊ देश के प्रमुख शहरों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि शहरी क्षेत्रों में भी स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा को तेजी से अपनाया जा रहा है।
ऊर्जा विभाग के अनुसार राज्य में अब तक 11 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इन आवेदनों के निस्तारण के लिए अधिकृत वेंडर्स, बैंकिंग संस्थानों और संबंधित विभागों के समन्वय से तेजी से कार्य किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य पात्र परिवारों तक जल्द से जल्द रूफटॉप सोलर योजना का लाभ पहुंचाना है, ताकि बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़े और उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आए।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी ऊर्जा नीतियों और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के अनुरूप उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार स्वच्छ ऊर्जा को केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन का प्रभावी साधन भी मानती है। सौर ऊर्जा के विस्तार से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
रूफटॉप सोलर प्रणाली के विस्तार से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी। इससे बिजली वितरण व्यवस्था पर दबाव घटेगा और उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आने से पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार आने वाले समय में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जनजागरूकता अभियान, आसान आवेदन प्रक्रिया और वित्तीय सहायता व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक घरों, संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है।इससे न केवल ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि हरित विकास और सतत अर्थव्यवस्था की दिशा में भी राज्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।