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योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी के दरबार में टेका माथा, नवरात्रि पर की पूजा

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी देवी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद लिया। नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री की इस धार्मिक यात्रा ने देवी उपासना, आस्था और प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

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  • October 11, 2026 7:00 pm IST, Published 58 minutes ago

उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेश में शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रि के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलरामपुर जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मां के चरणों में श्रद्धा व्यक्त की और प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की।

नवरात्रि के अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ उमड़ती है। भक्त मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हुए परिवार की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का मां पाटेश्वरी मंदिर पहुंचना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मां पाटेश्वरी मंदिर का धार्मिक महत्व

बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित मां पाटेश्वरी देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यह मंदिर देवी उपासना की प्राचीन परंपरा और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के लिए जाना जाता है। वर्ष भर यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है।

मान्यता के अनुसार, मां पाटेश्वरी अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और उन्हें जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती हैं। इसी आस्था के चलते दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं।

नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान मंदिरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ, आरती, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। मां पाटेश्वरी मंदिर में भी इस पर्व का विशेष महत्व है।

पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा से होती है शुरुआत

शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और उन्हें शक्ति, स्थिरता तथा दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है।

नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की जाती है। श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे नौ दिनों तक देवी की उपासना में लीन रहते हैं। कई स्थानों पर विशेष पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नवरात्रि के पहले दिन मां पाटेश्वरी के दरबार में पहुंचना प्रदेश की धार्मिक परंपराओं से उनके जुड़ाव को भी दर्शाता है। हालांकि, किसी भी धार्मिक आयोजन के व्यापक राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव का आकलन तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

नवरात्रि में मंदिरों में बढ़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

नवरात्रि के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। विंध्याचल, देवीपाटन और अन्य प्रसिद्ध शक्तिपीठों सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भक्त माता के दर्शन करने पहुंचते हैं। मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो जाता है।

इस दौरान मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कतार व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन जैसे इंतजाम महत्वपूर्ण होते हैं। विशेष रूप से बड़े धार्मिक आयोजनों में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा पर ध्यान देना आवश्यक है।

बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी मंदिर का महत्व स्थानीय धार्मिक पहचान के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है। नवरात्रि जैसे पर्व इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं।

आस्था, संस्कृति और जनकल्याण का संदेश

भारत में धार्मिक पर्व केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक एकजुटता, सेवा और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। नवरात्रि के दौरान अनेक स्थानों पर भंडारे, जरूरतमंदों की सहायता और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मां दुर्गा की उपासना को शक्ति, साहस और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। भक्त इन नौ दिनों में संयम, साधना और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प लेते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मां पाटेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना किए जाने की खबर इसी धार्मिक माहौल के बीच सामने आई है। नवरात्रि के पहले दिन मां के दरबार में पहुंचकर उन्होंने श्रद्धा व्यक्त की और आशीर्वाद प्राप्त किया।

कुल मिलाकर, बलरामपुर के मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में मुख्यमंत्री की पूजा-अर्चना शारदीय नवरात्रि के धार्मिक महत्व को रेखांकित करती है। यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, विश्वास और सकारात्मक संकल्पों का संदेश लेकर आता है।

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