गिरधारी लाल साहू की गिरफ्तारी का मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि शिकायतकर्ता प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य हैं। रेखा आर्य उत्तराखंड सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उन्होंने 15 अक्टूबर 2026 को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने उत्पीड़न, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
मंत्री की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन भी किया गया था। एसआईटी को मामले से जुड़े सभी तथ्यों, दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की गहनता से पड़ताल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय का रुख किया था। उन्होंने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, ताकि गिरफ्तारी से पहले उन्हें कानूनी राहत मिल सके। हालांकि, न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई थीं। मामले में 4 नवंबर को उत्तराखंड हाई कोर्ट में भी राहत पाने के लिए याचिका दाखिल की गई थी। इसमें एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, हाई कोर्ट से भी उन्हें तत्काल राहत नहीं मिल सकी। इसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश और तेज कर दी थी।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस की टीमें लगातार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही थीं। जांच एजेंसियां उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही थीं। आखिरकार पुलिस को झांसी में सफलता मिली और गिरधारी लाल साहू को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उनसे पूछताछ कर शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्यों की जांच करेगी।
इस मामले ने उत्तराखंड की राजनीति में भी काफी चर्चा पैदा कर दी है। एक तरफ प्रदेश सरकार की मंत्री की ओर से अपने पति के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई, वहीं दूसरी तरफ आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट करने की कोशिश होगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े साक्ष्य क्या हैं और घटनाक्रम के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या रही हैं। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद सभी की नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और पूछताछ पर है। मामले में आरोपों की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों से ही सामने आएगी। पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी और आधिकारिक बयान आने के बाद इस मामले में आगे की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।