घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि दो दिनों तक उनके घर की निगरानी करने के बाद रात करीब दो बजे उनके आवास पर हमला किया गया। उन्होंने लोगों से वीडियो देखने की अपील करते हुए कहा कि फुटेज से घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। टीएमसी सांसद ने सवाल उठाया कि यदि एक निर्वाचित सांसद के साथ इस तरह की घटना हो सकती है, तो पश्चिम बंगाल में आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति क्या होगी।
अभिषेक बनर्जी ने अपने पोस्ट में यह भी दावा किया कि पिछले छह महीनों में उन पर जानलेवा हमले की कोशिशों की यह सातवीं घटना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राज्य में असामाजिक तत्वों के खिलाफ पर्याप्त सख्ती नहीं दिखाई जा रही है। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में न्यायपालिका पर निशाना साधा और मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया।
टीएमसी सांसद ने कोलकाता पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे, इसके बावजूद कथित हमले को रोकने में नाकाम रहे। इस आरोप के बाद पुलिस की भूमिका भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जांच तथा संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण है। इस घटनाक्रम ने बंगाल में पहले से जारी टीएमसी और बीजेपी के राजनीतिक संघर्ष को और हवा दे दी है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। टीएमसी इस घटना को अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा से जोड़कर उठा रही है, जबकि बीजेपी की ओर से लगाए गए आरोपों पर उसका आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर आखिरकार विवाद किस वजह से शुरू हुआ और हिंसा के लिए जिम्मेदार कौन था? सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो की जांच, मौके पर मौजूद लोगों के बयान और पुलिस की कार्रवाई से ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस घटना के दूरगामी असर देखने को मिल सकते हैं। आने वाले दिनों में टीएमसी इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा के सवाल पर उठा सकती है। वहीं, बीजेपी की प्रतिक्रिया और पुलिस की जांच पर भी सभी की नजर रहेगी।