कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने दावा किया कि पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचने से ठीक पहले एक हथियारबंद व्यक्ति को पकड़ा गया। इस घटना को लेकर TMC ने गंभीर सुरक्षा चूक का आरोप लगाते हुए इसे अभिषेक बनर्जी की हत्या की संभावित साजिश बताया है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को राजनीतिक नाटक करार देते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया है।
मामले ने राज्य की राजनीति में नया तूफान खड़ा कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि जिस व्यक्ति को एयरपोर्ट परिसर के बाहर पकड़ा गया, उसके पास हथियार था और वह संदिग्ध परिस्थितियों में मौजूद था। पार्टी का आरोप है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती है।
एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी शुक्रवार रात दिल्ली से कोलकाता लौट रहे थे। इसी दौरान एयरपोर्ट के निकास द्वार के पास एक व्यक्ति को संदिग्ध गतिविधियों के चलते रोका गया। TMC कार्यकर्ताओं का दावा है कि उसके पास हथियार था और उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। इसके बाद एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनमें एक व्यक्ति को भीड़ के बीच घिरा हुआ देखा जा सकता है। TMC नेताओं का कहना है कि यदि समय रहते उस व्यक्ति को नहीं पकड़ा जाता, तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
अभिषेक बनर्जी ने उठाए गंभीर सवाल
सांसद अभिषेक बनर्जी ने घटना के बाद पश्चिम बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के सबसे व्यस्त और संवेदनशील हवाई अड्डों में शामिल कोलकाता एयरपोर्ट पर यदि कोई व्यक्ति हथियार लेकर पहुंच सकता है, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा विषय है। अभिषेक ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने और निशाना बनाने की संस्कृति लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
TMC का भाजपा पर सीधा हमला
घटना के बाद TMC नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी के राज्य और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं ने दावा किया कि पकड़ा गया व्यक्ति भाजपा समर्थक था। TMC सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह घटना किसी बड़े षड्यंत्र की ओर इशारा करती है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है और विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है। TMC का कहना है कि यदि किसी राष्ट्रीय स्तर के नेता की सुरक्षा में ऐसी चूक हो सकती है, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
भाजपा ने आरोपों को बताया राजनीति
दूसरी ओर भाजपा ने TMC के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बिना जांच पूरी हुए किसी व्यक्ति को भाजपा से जोड़ना और हत्या की साजिश जैसे आरोप लगाना राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है। भाजपा का कहना है कि TMC हर मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से भटकाना चाहती है। पार्टी नेताओं ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचा जाए।
एयरपोर्ट पर बढ़ी सुरक्षा
घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध व्यक्ति एयरपोर्ट क्षेत्र तक कैसे पहुंचा तथा उसके पास कथित हथियार कैसे आया। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या वह व्यक्ति किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा था या उसकी मौजूदगी के पीछे कोई अन्य कारण था।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
पश्चिम बंगाल में अगले चुनावों को देखते हुए यह मामला और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। अभिषेक banerjee राज्य की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा से जुड़ा कोई भी मुद्दा राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है। TMC इस मुद्दे को कानून-व्यवस्था और राजनीतिक सुरक्षा से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक ड्रामा बता रही है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पकड़े गए व्यक्ति के पास वास्तव में कौन सा हथियार था, उसका उद्देश्य क्या था और क्या वह किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही यह तय हो पाएगा कि यह सुरक्षा में चूक थी, व्यक्तिगत हरकत थी या फिर वास्तव में किसी बड़ी योजना का हिस्सा। हालांकि इतना तय है कि कोलकाता एयरपोर्ट पर हुई इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।bn