दक्षिणेश्वर स्टेशन पर 11 हजार वोल्ट तार गिरा, टला बड़ा हादसा

कोलकाता/दक्षिणेश्वर: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब एक लोकल ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन ओवरहेड बिजली लाइन अचानक टूटकर ट्रेन के ऊपर गिर गई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल […]

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  • July 30, 2026 10:21 pm IST, Published 1 hour ago

कोलकाता/दक्षिणेश्वर: पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब एक लोकल ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन ओवरहेड बिजली लाइन अचानक टूटकर ट्रेन के ऊपर गिर गई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई। हालांकि रेलवे अधिकारियों और तकनीकी टीम की त्वरित कार्रवाई के चलते बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई, जिससे किसी बड़ी जनहानि की नौबत नहीं आई।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह घटना उस समय हुई जब एक लोकल ट्रेन दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंच रही थी। ट्रेन के रुकते ही ऊपर से गुजर रही हाई-वोल्टेज ओवरहेड लाइन अचानक टूटकर ट्रेन के डिब्बों पर आ गिरी। घटना इतनी अचानक हुई कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्री कुछ पल के लिए घबरा गए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तार गिरने के बाद कुछ समय के लिए स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने ट्रेन से उतरने और प्लेटफॉर्म छोड़ने की कोशिश की। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल यात्रियों को शांत रहने की अपील की और सुरक्षा घेरा बनाकर प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया। इसके बाद संबंधित विद्युत विभाग को सूचना दी गई और बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति समय रहते रोक दिए जाने के कारण किसी यात्री को करंट नहीं लगा और न ही किसी के घायल होने की सूचना मिली है। यदि बिजली समय पर बंद नहीं होती तो यह घटना बड़े हादसे का रूप ले सकती थी। इसी वजह से रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

घटना के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, विद्युत अभियंता और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। टीम ने ओवरहेड लाइन का निरीक्षण किया और क्षतिग्रस्त हिस्से को हटाने का कार्य शुरू किया। इसके साथ ही यह पता लगाने के लिए जांच भी शुरू कर दी गई कि हाई-वोल्टेज लाइन आखिर किन परिस्थितियों में टूटी।

रेलवे प्रशासन ने कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। तकनीकी खराबी, उपकरणों की कमजोरी, रखरखाव में कमी या अन्य कारणों की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

घटना के कारण कुछ समय के लिए रेल संचालन भी प्रभावित हुआ। सुरक्षा कारणों से प्रभावित ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकी गई। तकनीकी टीम द्वारा लाइन की मरम्मत और सुरक्षा परीक्षण पूरा होने के बाद धीरे-धीरे रेल सेवाओं को सामान्य किया गया। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक मानकों का पालन किया जा रहा है।

दक्षिणेश्वर स्टेशन पश्चिम बंगाल के व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक माना जाता है। प्रतिदिन हजारों यात्री यहां से यात्रा करते हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटना ने रेलवे की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और ओवरहेड लाइन के रखरखाव को लेकर कई सवाल भी खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और समय-समय पर रखरखाव से इस तरह की घटनाओं की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और केवल रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जा सकती है।

यात्रियों ने भी राहत की सांस ली कि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। कई यात्रियों ने रेलवे कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि यदि कार्रवाई में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

फिलहाल रेलवे प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों या एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।

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