टोरंटो। कनाडा के पोर्टेज कॉलेज में पढ़ चुके भारतीय छात्रों के पोस्ट-ग्रेजुएट वर्क परमिट (PGWP) आवेदन खारिज होने के बाद विवाद गहरा गया है। विरोध कर रहे छात्रों के बीच कॉलेज ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए उन्हें कानूनी सलाह लेने और सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह दी है।
कॉलेज ने अपनी वेबसाइट पर जारी अपडेट में कहा कि वह इस मामले में इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है और जैसे ही नई जानकारी मिलेगी, छात्रों को उससे अवगत कराया जाएगा।
पोर्टेज कॉलेज ने बताया कि उसने विरोध कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ अगले सप्ताह एक फॉलो-अप बैठक तय की है। इस बैठक का उद्देश्य छात्रों की चिंताओं पर चर्चा करना, उनके सवालों के जवाब देना और उपलब्ध नई जानकारी साझा करना है।
हजारों भारतीय छात्रों ने पोर्टेज कॉलेज के बिजनेस मैनेजमेंट डिप्लोमा प्रोग्राम में अध्ययन किया था। कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने पोस्ट-ग्रेजुएट वर्क परमिट (PGWP) के लिए आवेदन किया, लेकिन IRCC ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिए कि संबंधित कार्यक्रम इस परमिट के लिए पात्र नहीं है।
छात्रों का आरोप है कि इसी कॉलेज और इसी कार्यक्रम के कई छात्रों को 7 जुलाई से पहले PGWP की मंजूरी मिल चुकी थी। उनका कहना है कि बाद में नियमों की व्याख्या बदलने के कारण नॉन-क्रेडिट प्रोग्राम को अयोग्य मान लिया गया।
हालांकि, IRCC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वर्क परमिट से जुड़े नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पोर्टेज कॉलेज ने छात्रों को भविष्य में किसी पुनर्विचार आवेदन या कानूनी प्रक्रिया के लिए निम्न दस्तावेजों की प्रतियां सुरक्षित रखने की सलाह दी है:
कॉलेज ने स्पष्ट किया है कि आव्रजन संबंधी निर्णय पूरी तरह IRCC के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और पोर्टेज कॉलेज किसी भी वर्क परमिट आवेदन को स्वीकृत, रद्द या बदलने का अधिकार नहीं रखता।
कॉलेज ने छात्रों की सहायता के लिए अपनी वेबसाइट पर Frequently Asked Questions (FAQ) भी जारी किए हैं, ताकि वे पूरी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें।
भारतीय छात्रों का विरोध फिलहाल जारी है और अब सभी की नजर कॉलेज तथा IRCC के अगले कदम पर बनी हुई है।