• होम
  • दुनिया
  • ट्रंप ने एयरबेस पर किया शी का स्वागत, B-1 बॉम्बर्स ने भरी उड़ान

ट्रंप ने एयरबेस पर किया शी का स्वागत, B-1 बॉम्बर्स ने भरी उड़ान

शी की अमेरिका यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने की कोशिशें जारी हैं। यात्रा से पहले अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक युद्धविराम को दो महीने आगे बढ़ाने की घोषणा की गई थी...

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 24, 2026 12:30 pm IST, Published 1 hour ago

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 सितंबर को तीन दिन के अमेरिकी राजकीय दौरे पर वॉशिंगटन पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी और चीन की फर्स्ट लेडी पेंग लियुआन भी मौजूद थीं। जॉइंट बेस एंड्रयूज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने खुद पहुंचकर चीनी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की अगवानी की। विदेशी राष्ट्राध्यक्ष के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का इस तरह एयरबेस पर व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना इस दौरे के शुरुआती दृश्य को खास बनाता है।

शी जिनपिंग की यह यात्रा 23 से 25 सितंबर तक निर्धारित है। यह दौरा अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिजों और सुरक्षा जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत के बीच हो रहा है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को देखते हुए इस मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर है।

जॉइंट बेस एंड्रयूज पर शी और पेंग के पहुंचने पर दोनों का औपचारिक स्वागत किया गया। समारोह में लाल कालीन, अमेरिका और चीन के राष्ट्रीय ध्वज तथा सैन्य सम्मान की व्यवस्था की गई थी। सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए और इसके बाद औपचारिक सलामी दी गई। ट्रंप और मेलानिया ने शी और पेंग से मुलाकात की तथा कुछ समय उनके साथ रहे। इसके बाद दोनों पक्ष अपने निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हुए।

स्वागत समारोह के दौरान दो अमेरिकी B-1 बमवर्षक विमानों के फ्लाईओवर ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विमानों ने समारोह स्थल के ऊपर से उड़ान भरी। उनके गुजरने के दौरान पैदा हुई तेज आवाज पर ट्रंप की प्रतिक्रिया कैमरों में दिखाई दी, जबकि शी जिनपिंग अपेक्षाकृत शांत नजर आए। समारोह के वीडियो और तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी।

हालांकि स्वागत समारोह में दिखाई गई औपचारिकता को दोनों देशों के रिश्तों में किसी बड़े बदलाव का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी। इस यात्रा का वास्तविक महत्व उन वार्ताओं से जुड़ा है जिनमें अमेरिका और चीन के बीच कई लंबित मुद्दों पर चर्चा होनी है। व्हाइट हाउस के कार्यक्रम के अनुसार 24 सितंबर को शी जिनपिंग के सम्मान में औपचारिक राजकीय स्वागत समारोह रखा गया है। इसके बाद दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बैठक और अन्य आधिकारिक कार्यक्रम होने हैं। स्टेट डिनर भी कार्यक्रम का हिस्सा है। यात्रा के दौरान दोनों नेताओं की अनौपचारिक बातचीत और नेशनल आर्काइव्स की यात्रा भी निर्धारित है।

शी की अमेरिका यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को कम करने की कोशिशें जारी हैं। यात्रा से पहले अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक युद्धविराम को दो महीने आगे बढ़ाने की घोषणा की गई थी। इससे दोनों पक्षों को आर्थिक मुद्दों पर आगे बातचीत करने के लिए अतिरिक्त समय मिला।

बैठक में व्यापार के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति, AI और तकनीकी क्षेत्र, सुरक्षा तथा ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है। ये सभी विषय पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका-चीन संबंधों के प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

जॉइंट बेस एंड्रयूज पर हुआ स्वागत निश्चित रूप से इस यात्रा का चर्चित शुरुआती दृश्य रहा,लाल कालीन, सैन्य सम्मान और B-1 विमानों के फ्लाईओवर ने समारोह को भव्य बनाया। लेकिन इस राजकीय यात्रा का कूटनीतिक महत्व अंततः दोनों नेताओं की बातचीत, संभावित समझौतों और आने वाले दिनों में लिए जाने वाले फैसलों से सामने आएगा।

 

Advertisement