• होम
  • दुनिया
  • डॉ. सरिता गुलाटी कौन हैं? 30 साल के करियर की पूरी कहानी

डॉ. सरिता गुलाटी कौन हैं? 30 साल के करियर की पूरी कहानी

नई दिल्ली: वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सरिता गुलाटी इन दिनों अपनी पेशेवर प्रोफाइल और लंबे चिकित्सा अनुभव को लेकर चर्चा में हैं। उपलब्ध प्रोफाइल जानकारी के अनुसार, डॉ. गुलाटी को कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में करीब 25 से 30 वर्षों का अनुभव है और वह वर्तमान में नई दिल्ली के द्वारका स्थित मणिपाल हॉस्पिटल्स में मरीजों […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 10, 2026 2:42 pm IST, Published 12 seconds ago

नई दिल्ली: वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सरिता गुलाटी इन दिनों अपनी पेशेवर प्रोफाइल और लंबे चिकित्सा अनुभव को लेकर चर्चा में हैं। उपलब्ध प्रोफाइल जानकारी के अनुसार, डॉ. गुलाटी को कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में करीब 25 से 30 वर्षों का अनुभव है और वह वर्तमान में नई दिल्ली के द्वारका स्थित मणिपाल हॉस्पिटल्स में मरीजों को सेवाएं दे रही हैं। उनकी विशेषज्ञता इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी से जुड़ी विभिन्न जटिल प्रक्रियाओं में बताई गई है।

कार्डियोलॉजी जैसे संवेदनशील और तकनीकी चिकित्सा क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण उनकी प्रोफाइल पर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी में उनकी शैक्षणिक योग्यता, पूर्व संस्थानों से जुड़ाव और विशेषज्ञता के कई पहलुओं का उल्लेख मिलता है। हालांकि, किसी भी चिकित्सा उपचार या व्यक्तिगत स्वास्थ्य संबंधी निर्णय के लिए मरीजों को संबंधित अस्पताल और चिकित्सक से प्रत्यक्ष सलाह लेनी चाहिए।

मेडिकल शिक्षा से कार्डियोलॉजी तक का सफर

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक डॉ. सरिता गुलाटी ने MBBS की पढ़ाई पंजाब यूनिवर्सिटी से वर्ष 1992 में पूरी की। इसके बाद उन्होंने इंटरनल मेडिसिन में MD किया। उनकी उच्च चिकित्सा शिक्षा का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव कार्डियोलॉजी रहा, जहां उन्होंने AIIMS, नई दिल्ली से DM in Cardiology की डिग्री हासिल की।

कार्डियोलॉजी में सुपर-स्पेशलाइजेशन हासिल करने के बाद उनका पेशेवर करियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ा। इस क्षेत्र में चिकित्सक हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी कई ऐसी प्रक्रियाओं में विशेषज्ञ भूमिका निभाते हैं, जिनमें कैथेटर आधारित उपचार और अन्य इंटरवेंशनल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

डॉ. गुलाटी की प्रोफाइल में लगभग तीन दशक के अनुभव का उल्लेख उनकी लंबी पेशेवर यात्रा को दर्शाता है। इतने लंबे समय में चिकित्सा तकनीक में भी बड़े बदलाव हुए हैं और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में नई प्रक्रियाओं का विस्तार हुआ है।

मणिपाल हॉस्पिटल्स द्वारका में दे रही हैं सेवाएं

वर्तमान प्रोफाइल के अनुसार डॉ. सरिता गुलाटी मणिपाल हॉस्पिटल्स, द्वारका, नई दिल्ली से जुड़ी हुई हैं। यहां उनकी भूमिका वरिष्ठ कंसल्टेंट और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में बताई गई है।

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में मरीजों के इलाज के लिए आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य कई स्थितियों में कम इनवेसिव तरीके से हृदय संबंधी उपचार उपलब्ध कराना होता है। हालांकि, कौन-सी प्रक्रिया किस मरीज के लिए उपयुक्त है, यह उसकी बीमारी, जांच रिपोर्ट, उम्र, अन्य स्वास्थ्य स्थितियों और चिकित्सकीय मूल्यांकन पर निर्भर करता है।

यही वजह है कि ऑनलाइन किसी डॉक्टर की विशेषज्ञता पढ़ने के बाद मरीजों को स्वयं उपचार तय करने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।

जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन में विशेषज्ञता

उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार डॉ. गुलाटी की विशेषज्ञताओं में Complex Coronary Interventions शामिल हैं। कोरोनरी इंटरवेंशन का संबंध हृदय की उन रक्त वाहिकाओं से होता है जो हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाती हैं।

जटिल कोरोनरी मामलों में चिकित्सकों को मरीज की कोरोनरी एनाटॉमी, ब्लॉकेज की स्थिति और अन्य चिकित्सकीय कारकों का विस्तृत मूल्यांकन करना पड़ता है। ऐसे मामलों में उपचार की रणनीति सामान्य मामलों की तुलना में अधिक जटिल हो सकती है।

प्रोफाइल में Radial Route Angioplasty का भी उल्लेख है। रेडियल रूट यानी कलाई की धमनी के रास्ते कैथेटर आधारित प्रक्रिया करने की तकनीक कई इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाओं में इस्तेमाल की जाती है। किसी विशेष मरीज में इसका उपयोग उपयुक्त है या नहीं, इसका निर्णय चिकित्सक करते हैं।

TAVR और MitraClip जैसी प्रक्रियाओं से जुड़ी विशेषज्ञता

डॉ. सरिता गुलाटी की ऑनलाइन उपलब्ध प्रोफाइल में Structural Heart Disease Procedures का भी उल्लेख किया गया है। इसमें TAVR और MitraClip जैसी प्रक्रियाओं को शामिल बताया गया है।

TAVR (Transcatheter Aortic Valve Replacement) एक कैथेटर आधारित प्रक्रिया है, जिसका उपयोग कुछ मरीजों में एओर्टिक वाल्व की गंभीर बीमारी के उपचार के लिए किया जाता है। वहीं MitraClip जैसी तकनीक कुछ विशेष मरीजों में माइट्रल वाल्व से संबंधित समस्या के उपचार में इस्तेमाल की जा सकती है।

इन प्रक्रियाओं की उपयुक्तता प्रत्येक मरीज के लिए अलग होती है। इसके लिए इकोकार्डियोग्राफी, अन्य इमेजिंग जांच और मरीज की समग्र स्थिति का आकलन आवश्यक हो सकता है। इसलिए किसी प्रोफाइल में किसी प्रक्रिया का उल्लेख यह साबित नहीं करता कि वह हर मरीज के लिए आवश्यक या उपयुक्त होगी।

मोलचंद मेडसिटी और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट से जुड़ाव

ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी में डॉ. गुलाटी के पूर्व पेशेवर जुड़ाव के तौर पर Moolchand Medcity और National Heart Institute जैसे संस्थानों का भी उल्लेख मिलता है।

दिल्ली में लंबे समय तक चिकित्सा सेवाएं देने वाले इन संस्थानों से जुड़ाव उनकी पेशेवर यात्रा के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सामने आता है। हालांकि, किसी चिकित्सक के वर्तमान पद, विभाग, उपलब्धता और अस्पताल में सेवाओं की स्थिति की पुष्टि के लिए संबंधित अस्पताल की आधिकारिक जानकारी देखना सबसे उचित तरीका है।

कार्डियोलॉजी में लंबा अनुभव क्यों महत्वपूर्ण है?

हृदय रोगों का क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है। पिछले कुछ दशकों में एंजियोप्लास्टी, स्टेंटिंग, वाल्व इंटरवेंशन, इमेजिंग और कैथेटर आधारित उपचारों में तेजी से बदलाव हुए हैं।

ऐसे में लंबे अनुभव वाले विशेषज्ञों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है, खासकर तब जब मरीज की स्थिति सामान्य से अधिक जटिल हो। हालांकि अनुभव के साथ-साथ सही निदान, आधुनिक सुविधाएं, मल्टी-स्पेशियलिटी टीम और मरीज की व्यक्तिगत स्थिति भी उपचार के परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इसलिए किसी डॉक्टर का चयन करते समय केवल अनुभव के वर्षों को आधार बनाना पर्याप्त नहीं है। मरीज को अपनी बीमारी के अनुसार संबंधित विशेषज्ञ की योग्यता, वर्तमान अस्पताल संबद्धता और उपचार की उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी लेनी चाहिए।

प्रमुख मेडिकल सोसाइटी की सदस्यता

उपलब्ध प्रोफाइल में डॉ. सरिता गुलाटी की सदस्यता Cardiological Society of India (CSI), Indian Heart Rhythm Society (IHRS) और Asia Pacific Society of Interventional Cardiology (APSIC) जैसी पेशेवर संस्थाओं में बताई गई है।

मेडिकल सोसाइटी की सदस्यता चिकित्सकों को अपने क्षेत्र के पेशेवर नेटवर्क, वैज्ञानिक गतिविधियों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अवसरों से जोड़ सकती है। हालांकि किसी सदस्यता को अपने आप में किसी उपचार की गुणवत्ता की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए।

मरीजों के लिए क्या है जरूरी?

यदि कोई मरीज डॉ. सरिता गुलाटी से परामर्श लेने की योजना बना रहा है, तो अपॉइंटमेंट से पहले अस्पताल से कंसल्टेशन टाइमिंग, उपलब्ध दिन, विभाग और बुकिंग प्रक्रिया की पुष्टि करना बेहतर होगा।

हृदय संबंधी समस्या होने पर मरीज को अपनी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट, ECG, Echo, एंजियोग्राफी या अन्य संबंधित जांच रिपोर्ट साथ ले जानी चाहिए। यदि मरीज पहले से दवाएं ले रहा है, तो उनकी सूची भी चिकित्सक को उपलब्ध कराना उपयोगी होता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इंटरनेट पर उपलब्ध किसी प्रोफाइल या सर्च रिजल्ट को चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। सीने में तेज दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी, बेहोशी या अचानक अत्यधिक कमजोरी जैसी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

डॉ. सरिता गुलाटी लंबे अनुभव वाली वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट हैं। MBBS, MD और AIIMS से कार्डियोलॉजी में DM जैसी शैक्षणिक योग्यताओं के साथ उनके करियर में विभिन्न संस्थानों से जुड़ाव और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की कई प्रक्रियाओं में विशेषज्ञता है।

वर्तमान में उनका नाम मणिपाल हॉस्पिटल्स, द्वारका, नई दिल्ली से जुड़ा है। उनकी प्रोफाइल में जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन, रेडियल रूट एंजियोप्लास्टी और स्ट्रक्चरल हार्ट डिजीज से संबंधित प्रक्रियाओं का उल्लेख विशेष रूप से है।

Advertisement