नई दिल्ली: भारत और फ्रांस ने अपनी आर्थिक एवं रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (Economic and Financial Dialogue) की बैठक आयोजित की। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण और फ्रांस के अर्थव्यवस्था, वित्त, उद्योग, ऊर्जा एवं डिजिटल संप्रभुता मंत्री रोलैंड लेस्क्योर ने की।
वार्ता के दौरान दोनों देशों ने वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, रणनीतिक एवं महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता, आर्थिक सुरक्षा और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में विश्वसनीय साझेदारों के बीच सहयोग बढ़ाना आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक है।
बैठक में विशेष रूप से महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और उच्च तकनीक उद्योगों के लिए आवश्यक खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दोनों देशों ने संभावित साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
इसके अलावा आर्थिक संप्रभुता, वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा संबंधी नीतियों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में बढ़ते जोखिमों से निपटने, निवेश को प्रोत्साहन देने और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के उपायों पर विचार साझा किए।
भारत और फ्रांस ने वित्तीय क्षेत्र में आपसी जुड़ाव को और मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की। इसमें निवेश, बैंकिंग, पूंजी बाजार, वित्तीय सेवाओं और नवाचार आधारित वित्तीय तंत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों का मानना है कि मजबूत वित्तीय साझेदारी से व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलेगी। भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक सहयोग लगातार व्यापक होता जा रहा है। रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों के बाद अब महत्वपूर्ण खनिजों और डिजिटल अर्थव्यवस्था में बढ़ता सहयोग दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत आधार प्रदान कर सकता है।