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भारत के समर्थन पर नेतन्याहू का बड़ा बयान, अमेरिका को जवाब

यरुशलम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि इजरायल केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं है, बल्कि भारत समेत कई अन्य देशों का भी उसे मजबूत समर्थन प्राप्त है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल के संबंधों तथा पश्चिम एशिया […]

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  • July 6, 2026 9:00 pm IST, Published 2 hours ago

यरुशलम: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि इजरायल केवल अमेरिका पर निर्भर नहीं है, बल्कि भारत समेत कई अन्य देशों का भी उसे मजबूत समर्थन प्राप्त है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल के संबंधों तथा पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।

बताया जा रहा है कि नेतन्याहू ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस कथित बयान का जवाब दिया, जिसमें अमेरिका को इजरायल का सबसे बड़ा और एकमात्र मजबूत सहयोगी बताया गया था। नेतन्याहू ने इस दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट किया कि इजरायल के कई भरोसेमंद मित्र देश हैं, जिनमें भारत भी प्रमुख रूप से शामिल है।

भारत का विशेष रूप से किया उल्लेख

फॉक्स न्यूज को दिए गए एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल को दुनिया के कई देशों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि यह एक बड़ा लोकतांत्रिक देश है और दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध हैं। उन्होंने कहा कि भारत जैसे मित्र देशों का सहयोग इजरायल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत की विशाल आबादी और वैश्विक प्रभाव को देखते हुए उसका समर्थन किसी भी देश के लिए अहम माना जाता है। उनके अनुसार, भारत और इजरायल के बीच वर्षों से रणनीतिक, तकनीकी, रक्षा और आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है।

अमेरिका-इजरायल संबंधों पर चर्चा

नेतन्याहू ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका इजरायल का महत्वपूर्ण सहयोगी जरूर है, लेकिन वह अकेला सहयोगी नहीं है। उन्होंने कहा कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कई देश इजरायल के साथ खड़े रहते हैं और भारत उनमें प्रमुख स्थान रखता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में लगातार तनाव बना हुआ है। क्षेत्र में सुरक्षा, कूटनीति और युद्धविराम जैसे मुद्दों पर अमेरिका की भूमिका लगातार चर्चा में है। ऐसे माहौल में इजरायल अन्य सहयोगी देशों के महत्व को भी रेखांकित करना चाहता है।

भारत-इजरायल संबंध लगातार हुए हैं मजबूत

भारत और इजरायल के संबंध पिछले कुछ वर्षों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा, जल प्रबंधन, स्टार्टअप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग देखने को मिला है।

भारत ने हमेशा अपनी विदेश नीति में संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। एक ओर भारत इजरायल के साथ मजबूत रणनीतिक साझेदारी बनाए हुए है तो दूसरी ओर वह पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और संवाद का भी समर्थन करता रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और इजरायल के बीच बढ़ता सहयोग दोनों देशों के साझा हितों और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के बीच आया बयान

हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बना हुआ है। लेबनान, गाजा और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है। ऐसे समय में विभिन्न देशों की कूटनीतिक भूमिका भी अहम हो गई है।

नेतन्याहू का यह बयान इसी व्यापक अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि इजरायल के वैश्विक संबंध केवल एक देश तक सीमित नहीं हैं और उसे कई महत्वपूर्ण साझेदारों का सहयोग प्राप्त है।

भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर

नेतन्याहू ने अपने बयान में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्व राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारत का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत का समर्थन इजरायल के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रभावशाली हुई है। यही कारण है कि कई वैश्विक मुद्दों पर भारत का रुख विशेष महत्व रखता है।

विशेषज्ञों की राय

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के अनुसार, नेतन्याहू का यह बयान भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती को दर्शाता है। हालांकि विदेश नीति के स्तर पर भारत स्वतंत्र और संतुलित रुख अपनाता है तथा प्रत्येक मुद्दे पर अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेता है।

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारत और इजरायल के बीच सहयोग आने वाले समय में रक्षा, तकनीक, व्यापार और नवाचार जैसे क्षेत्रों में और अधिक मजबूत हो सकता है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल को केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि भारत जैसे विश्वसनीय मित्र देशों का भी मजबूत समर्थन प्राप्त है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में लगातार भू-राजनीतिक चुनौतियां बनी हुई हैं, भारत और इजरायल के संबंध भविष्य में भी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बने रहने की संभावना है।

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