नई दिल्ली: 5 जुलाई को ‘ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026’ जारी कर दिया गया है। इस वर्ष की रैंकिंग में भारत की स्थिति में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक रैंकिंग अब 125वें स्थान पर आ गई है, जबकि पिछले साल (2025) भारत इस इंडेक्स में 124वें नंबर पर था।
क्या है ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स? यह इंडेक्स मुख्य रूप से किसी देश के पासपोर्ट की ताकत और उसके धारकों को मिलने वाली ‘वीजा-मुक्त’ (Visa-Free) यात्रा की पहुंच के आधार पर तैयार किया जाता है। इसके अलावा, रैंकिंग तय करने में वैश्विक स्तर पर घूमने-फिरने की आजादी (Global Mobility), देशों में निवेश की संभावनाएँ (Investment Opportunities) और वहां का जीवन स्तर (Living Standard) जैसे महत्वपूर्ण मानकों को भी ध्यान में रखा जाता है।
टॉप-10 में यूरोपीय देशों का जलवा इस वर्ष की सूची में टॉप 10 देशों में अधिकांश विकसित यूरोपीय और एशियाई देश शामिल हैं। इन देशों के पासपोर्ट को दुनिया में सबसे अधिक शक्तिशाली माना गया है:
स्वीडन
स्विट्जरलैंड
फिनलैंड
जर्मनी
नीदरलैंड
डेनमार्क (संयुक्त)
आयरलैंड
यूके
नॉर्वे
सिंगापुर
भारतीय पासपोर्ट की स्थिति वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, भारतीय नागरिकों को अभी भी अमेरिका, यूके, जर्मनी, फ्रांस, चीन, अंडोरा और यूएई सहित दुनिया की 88 जगहों पर यात्रा करने के लिए वीजा की आवश्यकता होती है। पासपोर्ट की पहुंच और वीजा-मुक्त यात्रा के मामले में भारत के लिए अपनी रैंकिंग में सुधार करने के लिए अभी और प्रयास करने की आवश्यकता है।