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भारत ने कहा, तारिक रहमान के दौरे से रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी

नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में रिश्तों में बनी तल्खी के बीच नई दिल्ली ने पड़ोसी देश के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाने की इच्छा जाहिर की है। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित […]

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  • August 19, 2026 11:54 am IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में रिश्तों में बनी तल्खी के बीच नई दिल्ली ने पड़ोसी देश के साथ संवाद और संपर्क बढ़ाने की इच्छा जाहिर की है। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा सकारात्मक और यादगार रहे।

तारिक रहमान के 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग और दोनों देशों के बीच बढ़ते मतभेदों के कारण इस यात्रा को लेकर अभी कई सवाल बने हुए हैं। ऐसे समय में भारतीय उच्चायुक्त का बयान दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर भारत के रुख का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के कारोबारी प्रतिनिधियों और भारतीय उद्योग परिसंघ यानी CII के प्रतिनिधिमंडल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा है कि दोनों देशों के नेता आपस में मुलाकात करें और संवाद को आगे बढ़ाएं।

भारतीय उच्चायुक्त के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने यह संदेश दिया है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री जब भारत आएंगे तो उनका सम्मानजनक स्वागत किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बेहतर संवाद से केवल सरकारों के स्तर पर ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के आम लोगों और कारोबारी समुदाय को भी फायदा होगा।

त्रिवेदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों में पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतीत को नजरअंदाज करने की बात नहीं है, बल्कि पुराने विवादों और मतभेदों को सुलझाकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने इन साझा पहलुओं को दोनों देशों के भविष्य के सहयोग का आधार बनाने पर जोर दिया।

बांग्लादेश की युवा आबादी को लेकर भी भारतीय उच्चायुक्त ने सहयोग की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे बांग्लादेश के साथ काम करना चाहता है, जहां युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, कारोबार और विकास के अधिक अवसर उपलब्ध हों। उनके अनुसार, बांग्लादेश के युवाओं ने लंबे समय तक संघर्ष और कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। ऐसे में क्षेत्र में शांति और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना जरूरी है, ताकि युवा बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।

तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देशों के बीच कई संवेदनशील मुद्दे मौजूद हैं। इनमें शेख हसीना का भारत में रहना और बांग्लादेश की ओर से उनके प्रत्यर्पण की मांग प्रमुख है। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर कूटनीतिक तनाव भी देखने को मिला है। 5 अगस्त को शेख हसीना ने नई दिल्ली से एक ऑनलाइन मीडिया कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम पर बांग्लादेश की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई थी। ढाका ने दावा किया था कि कार्यक्रम में कही गई बातों से वहां के लोगों की भावनाएं प्रभावित हुई हैं और इससे द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों पर असर पड़ सकता है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने उस समय स्पष्ट किया था कि शेख हसीना के मीडिया कार्यक्रम के आयोजन में भारत की कोई भूमिका नहीं थी। मंत्रालय ने यह भी कहा था कि कार्यक्रम में बांग्लादेश सरकार को लेकर व्यक्त किए गए विचारों से भारत खुद को संबद्ध नहीं करता।

इन परिस्थितियों के बावजूद भारत की ओर से अब बातचीत और संपर्क को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया है। तारिक रहमान की प्रस्तावित यात्रा यदि होती है, तो यह दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व को सीधे संवाद का अवसर दे सकती है। हालांकि, यात्रा की अंतिम स्थिति और उसके दौरान होने वाली संभावित बैठकों को लेकर आधिकारिक तस्वीर आगे और स्पष्ट हो सकती है।

भारत के लिए बांग्लादेश रणनीतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण पड़ोसी है। दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा प्रबंधन, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग जुड़ा हुआ है। ऐसे में नई दिल्ली का जोर संबंधों को स्थिर करने और व्यावहारिक सहयोग आगे बढ़ाने पर दिखाई दे रहा है।

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