नयी दिल्ली:रामअवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी करार दिए गए पूर्व विधायक अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने उनकी उम्रकैद की सजा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए सरेंडर की अनिवार्यता को फिलहाल स्थगित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि उन्हें आज ही आत्मसमर्पण करना था, लेकिन इससे ठीक पहले शीर्ष अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए राहत प्रदान की।
अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में दो प्रमुख आदेशों को चुनौती दी है। पहला आदेश उस अनुमति से जुड़ा है, जिसके तहत सीबीआई को इस मामले में अपील करने की इजाजत दी गई थी। दूसरा, बिलासपुर हाई कोर्ट के उस फैसले से संबंधित है, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जोगी की ओर से दायर याचिकाओं में इन दोनों आदेशों को कानूनी आधार पर चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल जोगी को सरेंडर से छूट दे दी।
इससे पहले बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने फैसले में अमित जोगी की दोषसिद्धि को सही ठहराते हुए उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। साथ ही उन्हें 23 अप्रैल तक सरेंडर करने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद उस निर्देश पर अस्थायी रूप से रोक लग गई है।