पश्चिम बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं। बीरभूम जिले के लाबपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार देबाशीष ओझा के चुनाव एजेंट बिश्वजीत मंडल पर कथित तौर पर हमला किया गया। मंडल ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि भोमोर गांव के बूथ नंबर 68 पर कथित रूप से बूथ कैप्चरिंग हो रही है। उन्होंने कहा, “मैं एक चुनाव एजेंट हूं। कुछ लोगों ने हमें बूथ पर कब्जे की शिकायत की थी। जब मैं लौट रहा था, तभी रास्ते में मुझ पर हमला किया गया। बूथ करीब 100 मीटर दूर था। उन्होंने मुझे चारों ओर से घेर लिया। मेरी जेब में कांच के टुकड़े थे… उन्होंने पूरी कार तोड़ दी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। इस हमले में उनके सिर पर चोट आई और खून बहने लगा। इस घटना का चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। इसी बीच, दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज से भी हिंसा की खबर आई है, जहां एक भाजपा उम्मीदवार पर कथित हमला हुआ। चुनाव आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए वीडियो फुटेज में पहचाने गए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा, मुर्शिदाबाद के नवादा विधानसभा क्षेत्र में आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर से जुड़ा विवाद भी सामने आया। एक मतदान केंद्र के पास कबीर और स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं के बीच टकराव हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर माहौल बिगाड़ने के आरोप लगाए हैं। कबीर ने तृणमूल कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित नहीं होता, वह मौके पर डटे रहेंगे। वहीं, एक स्थानीय निवासी ने उन पर अशांति फैलाने की कोशिश का आरोप लगाया। बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान जारी है। कई इलाकों में अच्छी वोटिंग दर्ज की जा रही है, लेकिन इस तरह की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। –आईएएनएस डीएससी